स्वरुपानंद कालेज में फिनायल पर वर्कशॉप

300 रुपए में बनाया 20 लिटर फिनायल
भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा फिनायल बनाने की विधि पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्रीमती आशा दुबे ने इसका प्रशिक्षण प्रदान किया। बायोटेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष श्रीमती शिवानी शर्मा ने कहा फिनायल बाजार में महंगे दामों पर मिलता है। विद्यार्थी फिनायल घर में ही बना सकेगें व इसे कुटीर उद्योग के रूप में भी अपना सकेंगे।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा फिनायल बनाने की विधि पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्रीमती आशा दुबे ने इसका प्रशिक्षण प्रदान किया।
बायोटेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष श्रीमती शिवानी शर्मा ने कहा फिनायल बाजार में महंगे दामों पर मिलता है। विद्यार्थी फिनायल घर में ही बना सकेगें व इसे कुटीर उद्योग के रूप में भी अपना सकेंगे।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा फिनायल बनाने की विधि पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्रीमती आशा दुबे ने इसका प्रशिक्षण प्रदान किया। बायोटेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष श्रीमती शिवानी शर्मा ने कहा फिनायल बाजार में महंगे दामों पर मिलता है। विद्यार्थी फिनायल घर में ही बना सकेगें व इसे कुटीर उद्योग के रूप में भी अपना सकेंगे।बायोटेक विभाग की सराहना करते हुए प्राचार्या डॉ.(श्रीमती) हंसा शुक्ला ने कहा यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है। विद्यार्थी इसे रोजगार के रूप में भी अपना सकते हैं, उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा अगर वे फिनायल बनाकर बाजार में बेचते हैं तो सर्व प्रथम महाविद्यालय यह फिनायल खरीदेगा।
श्रीमती आशा दुबे ने विद्यार्थियों को फिनायल बनाने की विधि बताई व विद्यार्थियों को फिनायल बनाकर दिखाया। इसके लिए पाईन ऑईल, कटिंग ऑईल, एस.एल.एस व सैंट्रो नीला का मिश्रित अनुपात में उपयोग किया। इसकी लागत 300 रूपये रही जिससे लगभग 20 लीटर तक फिनायल निर्मित किया जा सकता है, जो बाजार में मिलने वाले फिनायल के अपेक्षा कहीं अधिक सस्ता व उपयुक्त है।
सभी विद्यार्थियों ने कार्यशाला की सराहना की और भविष्य में ऐसी अन्य कार्यक्रम की अपेक्षा की। छात्रा मिली बिस्वास ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लघु उद्योग आरंभ करने की प्रेरणा मिली। छात्रा पूजा ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमिता संबंधी मिली जानकारी के आधार पर हम एम.एस.सी. के बाद कम पूंजी लागत से अपना स्वरोजगार आरंभ कर सकते है। कार्यक्रम में मंच संचालन सहायक प्राध्यापक योगेश देशमुख द्वारा किया गया और एम.एस.सी. विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।

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