भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में गणेश चतुर्थी एवं विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्नेह संपदा, भिलाई More »

भिलाई। सिविक सेन्टर की चौपाटी में लगी विशाल भारतीय सिल्क एक्सपो प्रदशर्नी का शनिवार शाम यंगिस्तान के चेयरमैन मनीष पाण्डेय ने विधिवत उद्घाटन किया। उनके More »

न्यूकैसल। कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप, न्युकैसल, इंग्लैंड में भारत ने 03 स्वर्ण, 02 रजत एवं 08 कांस्य पदक सहित कुल 13 पदक हासिल किया। पदक तालिका More »

भिलाई। साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनकी कृतियों की चर्चा करना और इसमें युवा पीढ़ी को शामिल करना प्रशंसनीय है। उनकी रचनाधर्मिता से More »

भिलाई। स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत श्रीशंकराचार्य महाविद्यालय ने ग्राम खपरी में एक वैचारिक आंदोलन खड़ा कर दिया है। महाविद्यालय के रोटरैक्ट क्लब, More »

 

Daily Archives: April 5, 2017

जब श्रीराम ने सरयू में ली समाधि

पृथ्वी को मृत्युलोक भी कहा गया है। यहां जो भी आता है, उसका जाना निश्चित होता है। ऐसा भगवान के साथ भी है। त्रिदेव में से भगवान विष्णु ने 10 अवतार लिए। श्रीराम इस कड़ी में सातवें अवतार थे। उन्होंने लगभग 10 हजार वर्ष तक अयोध्या में राज किया। जब उनके जाने की बारी आई तो काल स्वयं उनसे मिलने पहुंचे। श्रीराम ने इसके बाद राजपाट अपने और भाइयों के सुपुत्रों को सौंप कर सरयू नदी में समाधि ले ली। उनसे पहले लक्ष्मण रूपी शेषनाग ने भी सरयू में ही समाधि ले ली थी।पृथ्वी को मृत्युलोक भी कहा गया है। यहां जो भी आता है, उसका जाना निश्चित होता है। ऐसा भगवान के साथ भी है। त्रिदेव में से भगवान विष्णु ने 10 अवतार लिए। श्रीराम इस कड़ी में सातवें अवतार थे। उन्होंने लगभग 10 हजार वर्ष तक अयोध्या में राज किया। जब उनके जाने की बारी आई तो काल स्वयं उनसे मिलने पहुंचे। श्रीराम ने इसके बाद राजपाट अपने और भाइयों के सुपुत्रों को सौंप कर सरयू नदी में समाधि ले ली। उनसे पहले लक्ष्मण रूपी शेषनाग ने भी सरयू में ही समाधि ले ली थी।

Google GmailTwitterFacebookGoogle+WhatsAppShare