चुनौतियों को बनाएं सफलता की सीढ़ी : युगल किशोर

भिलाई। रुंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर युगल किशोर ने युवाओं का आह्वान किया है कि अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए सबसे अपना लक्ष्य निर्धारित करें। लक्ष्य को पाने के लिए अपने जीवन में आदर्श बनायें एवं मुश्किलों को सफलता की सीढ़ी समझें। भिलाई। रुंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर युगल किशोर ने युवाओं का आह्वान किया है कि अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए सबसे अपना लक्ष्य निर्धारित करें। लक्ष्य को पाने के लिए अपने जीवन में आदर्श बनायें एवं मुश्किलों को सफलता की सीढ़ी समझें। युगल किशोर दीया छत्तीसगढ़ द्वारा अपोलो कॉलेज ऑफ फार्मेसी एवं नर्सिंग के स्टूडेंट्स के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि करियर के साथ साथ समाज एवं राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को भी समझें तथा उसके अनुरूप आचरण करें। कार्यशाला का प्रारम्भ दीया छग प्रभारी डॉ पी एल साव ने किया। उन्होंने बताया कि युवा वह है जिसके शब्द कोष में असंभव शब्द न हो, जो बाधाओं को चीर कर अपना मार्ग बनाता है और जो भाग्य पर नहीं कर्म पर विश्वाश करता है। डॉ योगेन्द्र कुमार ने दीया छग द्वारा चलाये जा रहे सात आंदोलनों की चर्चा करते हुए कहा कि साधना, शिक्षा, स्वावलंबन, पर्यावरण सभी आंदोलन युवाओं के लिए ही है। अगर हम इन सबके प्रति अभी भी ना जागे तो प्रकृति अपना विकराल रूप ले लेगी।
दीया वुमन विंग का प्रतिनिधित्व करते हुए इंजीनियर मधुलिका पांडेय ने छात्राओं को बताया कि नारी संवेदनाओं की प्रतिमूर्ति है और परिवार, समाज और राष्ट्र की आधार शिला है। आज के इस युग में समय की पुकार है कि शिक्षित एवं प्रबुद्धवर्ग नारियां आगे आये एवं सामाजिक विकास में अपना योगदान दें। कार्यक्रम का संचालन इंजीनियर सौरभ कान्त एवं सुमन साहू ने किया। अपोलो ग्रुप के डायरेक्टर संजय अग्रवाल एवं डॉ मनीष जैन ने छात्रों को बताया कि कॉलेज में दीया का यह दूसरा वर्कशॉप है और यह ग्रुप युवाओं की सकारात्मक सोच को रचनात्मक दिशा प्रदान करते हुए समाज की नि:स्वार्थ भाव से सेवा कर रही है। 200 से अधिक युवाओं ने कार्यशाला का लाभ उठाया।

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