स्वरुपानंद सरस्वती कालेज में वार्षिक खेल उत्सव का उद्घाटन

भिलाई। स्वरूपानंद सरस्वती कालेज में तीन दिवसीय वार्षिक खेल उत्सव का उद्घाटन यंगीस्तान के संयोजक मनीष पाण्डेय ने किया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ.श्रीमती हंसा शुक्ला ने की। मकर संक्रांति के शुभअवसर पर वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय परिसर में पोंगल बनाकर प्रसाद वितरित किया गया। वहीं लोहड़ी जलाई गयी व कामना व्यक्त किया गया जैसे अग्नि में तिल जल रहा है वैसे ही सबके दुख जल जाये।भिलाई। स्वरूपानंद सरस्वती कालेज में तीन दिवसीय वार्षिक खेल उत्सव का उद्घाटन यंगीस्तान के संयोजक मनीष पाण्डेय ने किया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ.श्रीमती हंसा शुक्ला ने की।
मकर संक्रांति के शुभअवसर पर वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय परिसर में पोंगल बनाकर प्रसाद वितरित किया गया। वहीं लोहड़ी जलाई गयी व कामना व्यक्त किया गया जैसे अग्नि में तिल जल रहा है वैसे ही सबके दुख जल जाये। मकर संक्रांति के इस अवसर पर पोंगल, तिल व मुर्रा के लड्डू, पापकॉर्न, फल्ली आदि प्रसाद स्वरुप वितरित किया गया। तत्पष्चात तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव का उद्घाटन मनीष पाण्डेय ने महाविद्यालय की प्रगति व शांति के प्रतीक के रुप में गुब्बारा उड़ाकर किया एवं खेल उत्सव का प्रारंभ विद्यार्थियों व प्राध्यापकों के मध्य रस्साकसी हुआ। जिसमें विद्यार्थी विजयी हुए।
क्रीड़ा अधिकारी मुरली मनोहर तिवारी ने वर्षभर चलने वाली खेल प्रतियोगिता व विद्यार्थियों की उपलब्धि को रेखांकित करते हुये अपना प्रतिवेदन पढ़ा व बताया कि छ.ग. शासन से तीन व विश्वविद्यालय से दो खेल प्रतियोगिता आयोजन का अवसर मिला। 152 छात्र-छात्रायें जिलास्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिये। जिसमें 38 विद्यार्थी राज्यस्तरीय, 32 छात्र-छात्रायें ईस्ट जोन प्रतियोगिता और नौ छात्र-छात्रायें ऑलइण्डिया अखिल भारतीय अंतर वि.वि. हेतु चयनित हुए।
श्री पाण्डेय ने स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय परिवार को लोहड़ी, पोंगल व मकर संक्रांति की शुभकामनायें देते हुये कहा भिलाई में भारत की सभी संस्कृतियों का अद्भुत समावेष है इसलिये इसे लघुभारत कहा जाता है। आज महाविद्यालय में तीनों संस्कृतियों को प्रतिध्वनित किया जा रहा हैं। इसके लिये महाविद्यालय का कार्य प्रशंसनीय है। 22 साल तक कल्याण महाविद्यालय क्रिकेट में लगातार चैंपियन था पर स्वरुपानंद महाविद्यालय ने उसे पराजित कर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। बना इसके लिये क्रीड़ा अधिकारी व विद्यार्थियों का प्रयास व मेहनत अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने बताया यंगीस्तान क्रिकेट मात्र क्रिकेट को नहीं छ.ग. में खेले जाने वाले सभी खेलों को प्रोत्साहित करता है। युवा षक्ति के नवनिर्माण में आगे बढऩे की प्रेरणा देते हुये कहा विवेकानंद अल्पायु थे पर पूरा विष्व उनके जन्म दिवस को युवा दिवस के रुप में मनाता है। महत्व यह नहीं हम कितने दिन जीवित रहे महत्व है हम अपने जीवन को कैसे जीयें। हर युवा को दिन में एक बार अपने आप से जरुर बात करना चाहिए क्योंकि हम अपने से बात करते है तो दुनिया के सर्वश्रेश्ठ व्यक्ति से बात करते है।
प्राचार्य डॉ. श्रीमती हंसा शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा विद्यार्थी सालभर शैक्षणिक गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। खेल उत्सव के माध्यम से उनमें नयी ऊर्जा का संचार होगा व वे वार्षिक परीक्षा के लिये पुन: नयी ऊर्जा के साथ तैयारी में लग जायेंगे साथ ही वे विद्यार्थी जिन्हें जिला, विश्वविद्यालय टीम में स्थान नहीं मिला उन्हें महाविद्यालय में ही अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। महाविद्यालय विद्यार्थियों के लिये भारत की विविध संस्कृतियों का संधि स्थल भी बनेगा इसलिये लोहड़ी पोंगल व मकर संक्रांति पर्व का आयोजन भी किया जा रहा हैं।
उद्््घाटन सत्र के प्रथम दिवस पंजाकुश्ती, म्युजीकल स्टेशन, 50 मीटर दौड़, बैडमिंटन, व्हॉलीबाल एवं पतंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शेष दो दिन विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिये भी विविध खेल का आयोजन किया जायेगा।
कार्यक्रम में मंच संचालन श्रीमती नीलम गांधी विभागाध्यक्ष वाणिज्य एवं धन्यवाद ज्ञापन क्रीड़ा अधिकारी मुरली मनोहर तिवारी ने दिया कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थी व प्राध्यापक सम्मलित हुये।

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