स्वरुपानंद महाविद्यालय में प्राध्यापकों के विकास हेतु फेकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में विद्यार्थियों एवं पालकों को दी जाने वाली करियर काउंसलिंग बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। सही विषयों एवं वैकल्पिक विषयों का चयन उनके करियर की राह को आसान बना रहा है। इसका नतीजा समय समय पर आयोजित होने वाले कैम्पस प्लेसमेंट में भी मिल रहा है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने बताया कि बड़ी संख्या में बच्चे महाविद्यालय में प्रवेश के दौरान अपने हायर सेकण्डरी के विषय को बदल लेते हैं।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपांनद सरस्वती महाविद्यालय में प्राध्यापकों के अकादमिक विकास हेतु सात दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन विशय पर किया जा रहा है। कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती श्वेता दवे ने बताया कि विविध विषयों के विशय-विषेशज्ञ प्राध्यापकों को कायर्षाला के माध्यम से शिक्षक शैक्षणिक भूमिका के अलावा वर्तमान समय में मेंटर, कोच या साथी के दायित्व का निर्वहन कैसे करें जिससे विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास हो सके। रचनात्मक शिक्षण पद्धति से सीखने के लिये विद्यार्थियों को कैसे प्रोत्साहित किया जा सकता है। दूसरे दिन शिक्षक अकादमिक लीडर के रुप में तथा शिक्षकों को अभिप्रेरित करने की विवध विधियों पर चर्चा की जायेगी।इसके अलावा कार्यशाला में प्राध्यापक कार्यक्षेत्र में मानसिक एवं शारीरिक फिटनेस कैसे रखे जिससे बिना थके अच्छे से कार्य कर सके इसे व्यव्हारिक रुप से बताया जायेगा। प्राध्यापकों को विविध रिकार्ड को किस अवधि तक सुरक्षित रखना होता है तथा प्रत्येक रिकार्ड की उपयोगिता क्या होती है? इसमें विस्तार से होगी। महाविद्यालय में नैक गै्रडिंग अनिवार्य होने के कारण अच्छी नैक ग्रेडिंग हेतु शिक्षक क्या कर सकते हैं। नैक में शिक्षकों की एवं विभिन्न विभागों की भूमिका को सरल विधि द्वारा बताया जायेगा। कार्यशाला के अंतिम दिन शिक्षकों का व्यक्तित्व मूल्यांकन उनके व्यवहार से कैसे किया जाता है शिक्षक के रुप में उनका व्यवहार कार्यक्षेत्र एवं अन्य स्थानों पर कैसे रहे जिससे वह समाज के लिए अनुकरणीय बन सके विषय पर चर्चा की जायेगी। कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञ प्रो. राजीव चौधरी (पं.रविशकर विश्वविद्यालय, रायपुर), डॉ. मनीषा शर्मा (बी.आई.टी., दुर्ग), डॉ. आर.एन.सिंग (शास. दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव), डॉ. सचिन चौधरी (राज्य संयोजक, एआईएमए), डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव (शास. साईंस कॉलेज, दुर्ग), डॉ. प्रमोद शर्मा (कल्याण कॉलेज, भिलाई), डॉ. किशोर दत्ता (एमडी मेडिसिन) होंगे।
प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने बताया कि फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के आयोजन से शिक्षक वतर्मान परिप्रेक्ष्य में बेहतर शिक्षक बनने के लिए शिक्षकों को स्वयं जिज्ञासु बनकर नई तकनीकों और अकादमिक क्रियाओं को सीखना होगा जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर सकें।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. राजेश पाण्डेय कुलसचिव हेमचंद यादव विश्वविद्यालय तथा अध्यक्षता आई.पी. मिश्रा करेंगे।

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