भिलाई। इंदु आईटी स्कूल में प्री-प्राइमरी विंग के नर्सरी से केजी-2 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। More »

भिलाई। केपीएस के प्रज्ञोत्सव-2019 में आज शास्त्रीय नृत्यांगनाओं ने पौराणिक कथाओं को बेहद खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा। भरतनाट्यम एवं कूचिपुड़ी कलाकारों ने महाभारत, More »

भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा ने 73वां स्वतंत्रता दिवस खुले, स्वच्छंद आकाश में ध्वजारोहण करते हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में स्कूल की बैण्ड More »

भिलाई। संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा संचालित रूंगटा पब्लिक स्कूल में 15 अगस्त को स्कूल प्रांगण में कक्षा नसर्री से पहली तक के बच्चों द्वारा More »

भिलाई। डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल सेक्टर -2 में रक्षाबंधन मनाया गया। इस त्यौहार को अग्रिम रूप से कक्षा नसर्री, एलकेजी तथा यूकेजी के छात्रों ने More »

 

Daily Archives: April 7, 2019

न पढ़ने की इच्छा है न पढ़ाने की, पीएचडी तक फर्जी, फिर गुणवत्ता कहां से : बीकेएस रे

Shiksha ka prayojanभिलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व अपर मुख्य सचिव, शिक्षाविद एवं लेखक बीकेएस रे ने आज कहा कि छात्रों को छोड़ भी दें तो शिक्षकों में भी पढ़ने पढ़ाने या स्वयं को अपडेट करने की इच्छा नहीं है। और तो और पीएचडी तक इधर उधर से बटोरकर बनाया गया पिज्जा है। ऐसी स्थिति में शिक्षा में गुणवत्ता की उम्मीद करना भी बेमानी है। श्री रे यहां आईसीएआई भवन में ‘शिक्षा का प्रयोजन – विमर्श एवं संवाद’ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।

Google GmailTwitterFacebookWhatsAppShare

स्पर्श हॉस्पिटल की टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को सिखाई जीवन बचाने की तकनीक

Life Saving Techniqueभिलाई। स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल की टीम ने बीती शाम नेहरू नगर के सियान सदन में वरिष्ठ नागरिकों को जीवन बचाने की तकनीक सीपीआर का प्रशिक्षण दिया। डमी की सहायता से दिए गए इस प्रशिक्षण के उपरांत वरिष्ठ नागरिकों ने भी इसका अभ्यास किया। लोगों में इस प्रशिक्षण को लेकर गजब का उत्साह दिखा। इस अवसर पर अनेक अवकाश प्राप्त चिकित्सक भी उपस्थित थे।

Google GmailTwitterFacebookWhatsAppShare

चीथड़ों में लिपटी पाकिस्तान की अखंडता, 2025 तक टिकना मुश्किल : प्रो दीक्षित

सियान सदन में ‘नो मोर पाकिस्तान’ पर परिचर्चा का आयोजन

Forum for National Securityभिलाई। पाकिस्तान की अखंडता को बेहद नाजुक मोड़ पर बताते हुए हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम कुलपति प्रो एनपी दीक्षित ने कहा कि पाकिस्तान की तुलना यशपाल की कहानी परदा से की जा सकती है। इस कहानी में चौधरी का रुतबा कायम रखने के लिए मकान की ड्योढ़ी पर एक परदा टंगा था। इसके पीछे की सच्चाई जब खुली तो लोगों के आंसू निकल आए। ऐसा ही हाल पाकिस्तान का है और 2025 तक इसका टिक पाना मुश्किल लगता है।

Google GmailTwitterFacebookWhatsAppShare