भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में गणेश चतुर्थी एवं विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्नेह संपदा, भिलाई More »

भिलाई। सिविक सेन्टर की चौपाटी में लगी विशाल भारतीय सिल्क एक्सपो प्रदशर्नी का शनिवार शाम यंगिस्तान के चेयरमैन मनीष पाण्डेय ने विधिवत उद्घाटन किया। उनके More »

न्यूकैसल। कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप, न्युकैसल, इंग्लैंड में भारत ने 03 स्वर्ण, 02 रजत एवं 08 कांस्य पदक सहित कुल 13 पदक हासिल किया। पदक तालिका More »

भिलाई। साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनकी कृतियों की चर्चा करना और इसमें युवा पीढ़ी को शामिल करना प्रशंसनीय है। उनकी रचनाधर्मिता से More »

भिलाई। स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत श्रीशंकराचार्य महाविद्यालय ने ग्राम खपरी में एक वैचारिक आंदोलन खड़ा कर दिया है। महाविद्यालय के रोटरैक्ट क्लब, More »

 

Daily Archives: April 7, 2019

न पढ़ने की इच्छा है न पढ़ाने की, पीएचडी तक फर्जी, फिर गुणवत्ता कहां से : बीकेएस रे

Shiksha ka prayojanभिलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व अपर मुख्य सचिव, शिक्षाविद एवं लेखक बीकेएस रे ने आज कहा कि छात्रों को छोड़ भी दें तो शिक्षकों में भी पढ़ने पढ़ाने या स्वयं को अपडेट करने की इच्छा नहीं है। और तो और पीएचडी तक इधर उधर से बटोरकर बनाया गया पिज्जा है। ऐसी स्थिति में शिक्षा में गुणवत्ता की उम्मीद करना भी बेमानी है। श्री रे यहां आईसीएआई भवन में ‘शिक्षा का प्रयोजन – विमर्श एवं संवाद’ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।

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स्पर्श हॉस्पिटल की टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को सिखाई जीवन बचाने की तकनीक

Life Saving Techniqueभिलाई। स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल की टीम ने बीती शाम नेहरू नगर के सियान सदन में वरिष्ठ नागरिकों को जीवन बचाने की तकनीक सीपीआर का प्रशिक्षण दिया। डमी की सहायता से दिए गए इस प्रशिक्षण के उपरांत वरिष्ठ नागरिकों ने भी इसका अभ्यास किया। लोगों में इस प्रशिक्षण को लेकर गजब का उत्साह दिखा। इस अवसर पर अनेक अवकाश प्राप्त चिकित्सक भी उपस्थित थे।

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चीथड़ों में लिपटी पाकिस्तान की अखंडता, 2025 तक टिकना मुश्किल : प्रो दीक्षित

सियान सदन में ‘नो मोर पाकिस्तान’ पर परिचर्चा का आयोजन

Forum for National Securityभिलाई। पाकिस्तान की अखंडता को बेहद नाजुक मोड़ पर बताते हुए हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग के प्रथम कुलपति प्रो एनपी दीक्षित ने कहा कि पाकिस्तान की तुलना यशपाल की कहानी परदा से की जा सकती है। इस कहानी में चौधरी का रुतबा कायम रखने के लिए मकान की ड्योढ़ी पर एक परदा टंगा था। इसके पीछे की सच्चाई जब खुली तो लोगों के आंसू निकल आए। ऐसा ही हाल पाकिस्तान का है और 2025 तक इसका टिक पाना मुश्किल लगता है।

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