छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में लगे डेढ़ लाख आईयूडी, सौ फीसदी सुरक्षित

श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में जेएचपीआईईजीओ की उन्नयन कार्यशाला

भिलाई। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में 2014 से 2018 के बीच लगभग डेढ़ लाख प्रसूताओं को आईयूडी लगाया गया है। यह जानकारी जेएचपीआईईजीओ के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ सुरेन्द्र शर्मा एवं संभागीय कार्यक्रम अधिकारी डॉ साहित परमार ने दी। वे जेएचपीआईईजीओ द्वारा राज्य शासन के सहयोग से श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय उन्नयन कार्यशाला को संबोधित करने यहां आए थे।भिलाई। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में 2014 से 2018 के बीच लगभग डेढ़ लाख प्रसूताओं को आईयूडी लगाया गया है। यह जानकारी जेएचपीआईईजीओ के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ सुरेन्द्र शर्मा एवं संभागीय कार्यक्रम अधिकारी डॉ साहित परमार ने दी। वे जेएचपीआईईजीओ द्वारा राज्य शासन के सहयोग से श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय उन्नयन कार्यशाला को संबोधित करने यहां आए थे।भिलाई। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में 2014 से 2018 के बीच लगभग डेढ़ लाख प्रसूताओं को आईयूडी लगाया गया है। यह जानकारी जेएचपीआईईजीओ के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ सुरेन्द्र शर्मा एवं संभागीय कार्यक्रम अधिकारी डॉ साहित परमार ने दी। वे जेएचपीआईईजीओ द्वारा राज्य शासन के सहयोग से श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय उन्नयन कार्यशाला को संबोधित करने यहां आए थे।इस प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को चुना गया था। इन राज्यों में अच्छे परिणाम मिले हैं। दो बच्चों के बीच पर्याप्त अंतराल रखने का यह सर्वाधिक उपयोगी तरीका है। श्रीशंकराचार्य महाविद्यालय में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में संभाग के 10 जिले शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक के मैटरनिटी विभाग से जुड़े लोगों का सहयोग लिया गया। जेएचपीआईईजीओ मुख्य रूप से एक साफ्टवेयर के द्वारा इसका डाटा संकलित करता है और उसकी निगरानी भी करता है। यह साफ्टवेयर हाल ही में अपग्रेड हुआ है। अपग्रेड की बारीकियों से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को परिचित कराने के लिए ही यह कार्यशाला लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह डाटा वे शासन के साथ साझा करते हैं।
कार्यक्रम में संभागीय कार्यक्रम अधिकारी मोनिका थॉमस, राज्य डाटा विश्लेषक संतोष सिंह, संभागीय कार्यक्रम समन्वयक राजेश केसरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाविद्यालय की निदेशक सह प्राचार्य डॉ रक्षा सिंह ने इस कार्यक्रम के लिए जेएचपीआईईजीओ की टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।Ayushman Bharat Yojana

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