समस्याओं से मुक्त होंगे भिलाई के स्कूल, पर्यावरण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए मिलेगी राशि

भिलाई। भिलाई नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों को पर्यावरण संरक्षण के लिए 5000 रुपए तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 15000 रुपए प्रदान किये जाएंगे। इसके साथ ही स्कूलों की दीवारों पर लिखे गए विज्ञापनों को मिटाकर वहां शिक्षाप्रद बातें लिखवाई जाएंगी। शौचालय, पानी और जर्जर इमारतों की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। यह बातें महापौर-विधायक देवेन्द्र यादव ने प्राचार्यों की बैठक में कही। बैठक में आयुक्त एसके सुंदरानी तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल भी उपस्थित रहे।भिलाई। भिलाई नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों को पर्यावरण संरक्षण के लिए 5000 रुपए तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 15000 रुपए प्रदान किये जाएंगे। इसके साथ ही स्कूलों की दीवारों पर लिखे गए विज्ञापनों को मिटाकर वहां शिक्षाप्रद बातें लिखवाई जाएंगी। शौचालय, पानी और जर्जर इमारतों की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। यह बातें महापौर-विधायक देवेन्द्र यादव ने प्राचार्यों की बैठक में कही। बैठक में आयुक्त एसके सुंदरानी तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल भी उपस्थित रहे।नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत आने वाले 27 स्कूलों के प्राचार्य आज महापौर कक्ष में स्कूलों को बेहतर, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों में शिक्षकों की कमी, भरे जाने वाले पदों की जानकारी, कार्यरत शिक्षक, स्वीकृत शिक्षक पद एवं रिक्त शिक्षक पद, स्कूल के भवनों की स्थिति, फर्नीचर की स्थिति, पेयजल की स्थिति, शौचालयों की स्थिति, स्कूलों में विद्याथिर्यों की दर्ज संख्या, विद्युत व्यवस्था की स्थिति, स्वच्छता संबंधी विषयों पर चर्चा की गई।
देवेंद्र यादव ने उपस्थित सभी शिक्षकों से खुलकर अपनी बात रखने को कहा। कन्या स्कूल सुपेला की प्राचार्य ने बताया कि वहां शौचालय की समस्या है। सेक्टर 7 स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि स्कूल में सीवरेज की समस्या है। छावनी स्कूल की प्राचार्य ने बताया कि आंधी तूफान से पोल गिर गया है। सुपेला स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि शौचालय का उपयोग बाहरी लोग करते हैं।
श्री यादव ने कहा कि स्कूल खुलने से पहले गिरे हुए पोल को हटा लिया जाएगा तथा समय-समय पर पेट्रोलिंग के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिखा जाएगा। मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर विद्यालयों में कार्य किया जाना है। शिक्षा उपकर से मिलने वाले राशि का उपयोग विद्यालयों को बेहतर करने के लिए किया जाएगा, 5000 रुपये इको क्लब के लिए तथा 15000 रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लिए विद्यालयों को प्रदाय किया जाएगा। इसका उपयोग विद्यालयों को स्वच्छ एवं सुंदर करने तथा पर्यावरण को संरक्षित रखने की दिशा में किया जाना है। उन्होंने निगम के शिक्षा प्रभारी वाई राजेन्द्र राव को निर्देशित किया कि जितने भी भवन जर्जर अवस्था में उन सभी का सर्वे करावे।
निगमायुक्त एसके सुंदरानी ने कहा कि जितने भी जर्जर भवन हैं उनकी सूची दें ताकि जल्द ही इसे बेहतर करने दिशा में आगे कार्य किया जा सके। स्कूलों की अद्यतन स्थिति की सूची प्राप्त होते ही छोटी-छोटी समस्याओं को भी व्यवस्थित करने का प्रयास करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल ने उपस्थित सभी प्राचार्य से कहा कि शासकीय स्कूलों के दीवारों में लिखे हुए विज्ञापन वाले वॉल पेंटिंग को हटवाए एवं उनकी जगह शिक्षाप्रद बातें लिखवाएं।
निगम के प्रभारी शिक्षा अधिकारी वाई राजेंद्र राव ने बताया कि विद्यालयों में साधारण मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। हरियाली लाने के लिए स्कूलों को पौधे भी प्रदाय करेंगे। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करेंगे एवं खेलकूद तथा सांस्कृतिक गतिविधि को बढ़ाने के लिए भी प्रयास करेंगे।
बैठक में विकास खंड शिक्षा अधिकारी एमपी शुक्ला, खुर्सीपार सेक्टर 11 स्कूल के प्राचार्य एमके साहू सहित 27 स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

Google GmailTwitterFacebookGoogle+WhatsAppShare

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>