Daily Archives: June 2, 2019

स्पर्श अस्पताल में बच्चों ने बनाए चित्र, मरीजों ने भी लिया हिस्सा

Sparsh Drawing Competitionभिलाई। स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में बच्चों की कल्पना और अनुभूतियों को निखारने के लिए चित्रकारी प्रतियोगिता ‘एक्सप्रेशन्स’ का आयोजन किया गया। दो समूहों में आयोजित इस प्रतियोगिता में 70 से भी अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया ओर मनमोहक चित्र बनाए। इन बच्चों में अस्पताल में दाखिल एक बच्चा भी शामिल था।प्रात: 8 बजे प्रारंभ हुई इस प्रतियोगिता में नर्सरी से दूसरी तथा तीसरी से पांचवी तक के बच्चों ने दो समूहों में हिस्सा लिया।

आरसीईटी में आप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स पर अल्प कालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

RCET TEQUIPभिलाई। कोहका-कुरूद रोड स्थित संतोष रूंगटा एजुकेशनल कैम्पस (आर-1) के रूंगटा कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी (आरसीइटी) में ‘डेवलपमेंट आफ फोर्थ जनरेशन टेक्नालॉजी इन द फील्ड आफ आप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स’ विषय पर एक-दिवसीय शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम (एसटीटीपी) का आयोजन किया गया। छ.ग. स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय की टेकिप-3 स्कीम के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड टेलीकम्यूनिकेशन ब्रांच के फैकल्टी मेम्बर्स के लिये किये गये इस आयोजन में विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के करीब 50 फैकल्टी मेम्बर्स शामिल हुए।

स्वरूपानंद महाविद्यालय में स्मिता पाटिल पब्लिक स्कूल का कैंपस ड्राइव

Campus Interviewभिलाई। स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय में कैंपस सिलेक्शन का आयोजन किया गया। कैंपस स्मिता पाटिल पब्लिक स्कूल, महाराष्ट्र में प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के लिये आयोजित किया गया। इस कैंपस में ग्यारह विद्यार्थियों का चयन शिक्षक हेतु आकर्षक पैकेज में किया गया। विद्यार्थियों ने इस अवसर के लिए महाविद्यालय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। कैंपस सिलेक्शन में सर्वप्रथम लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। तत्पश्चात साक्षात्कार लिया गया। 

स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर अब लगेगी रोक?

Education Policyनई दिल्ली। मोदी सरकार टू के कामकाज के पहले दिन ही शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के बड़े संकेत मिले हैं। कस्तूरीरंगन कमेटी ने नई एजुकेशन पॉलिसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंप दिया है। इस ड्राफ्ट में मौजूदी शिक्षा व्यवस्था में कई तरह के बदलाव करने की सलाह दी गई है। नई एजुकेशन पॉलिसी में कहा गया है कि बच्चों को कम से कम पांचवीं तक मातृभाषा में ही पढ़ाना चाहिए और पहली क्लास में बच्चों को तीन भारतीय भाषाओं के बारे में भी पढ़ाना चाहिए जिसमें वो इन्हें बोलना सीखें और इनकी स्क्रिप्ट पहचाने और पढ़ें। ड्राफ्ट के मुताबिक फीस को लेकर स्कूल की मनमानी पर लगाम लगाने की बात कही गई है और महंगाई दर देखकर स्कूल की फीस बढ़ाने की सलाह दी गई है।