भिलाई। सेन्ट्रल एवेन्यू पर धूम मचाने वाली ‘तफरीह’ एक बार फिर प्रारंभ होने जा रही है। महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव की यह महत्वाकांक्षी योजना More »

भिलाई। इंदु आईटी स्कूल में प्री-प्राइमरी विंग के नर्सरी से केजी-2 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। More »

भिलाई। केपीएस के प्रज्ञोत्सव-2019 में आज शास्त्रीय नृत्यांगनाओं ने पौराणिक कथाओं को बेहद खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा। भरतनाट्यम एवं कूचिपुड़ी कलाकारों ने महाभारत, More »

भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा ने 73वां स्वतंत्रता दिवस खुले, स्वच्छंद आकाश में ध्वजारोहण करते हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में स्कूल की बैण्ड More »

भिलाई। संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा संचालित रूंगटा पब्लिक स्कूल में 15 अगस्त को स्कूल प्रांगण में कक्षा नसर्री से पहली तक के बच्चों द्वारा More »

 

Daily Archives: June 11, 2019

छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश बढ़ाने सरकार के साथ काम करेगी ‘नाचा’

भिलाई। उत्तरी अमरीका में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ‘नाचा’ ने राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए शासन के साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की है। ‘नाचा’ का मानना है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना विदेश दौरा रद्द करके सही समय में सही फैसला किया है। केवल दौरों और कुछ सम्मेलनों के माध्यम से निवेश नहीं आ सकता। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से रोजगार के लिए बाहर निकला प्रत्येक व्यक्ति अपने देश और राज्य के लिए कुछ करना चाहता है। उन्हें इसका अवसर मिलना चाहिए।भिलाई। उत्तरी अमरीका में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ‘नाचा’ ने राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए शासन के साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की है। ‘नाचा’ का मानना है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना विदेश दौरा रद्द करके सही समय में सही फैसला किया है। केवल दौरों और कुछ सम्मेलनों के माध्यम से निवेश नहीं आ सकता। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से रोजगार के लिए बाहर निकला प्रत्येक व्यक्ति अपने देश और राज्य के लिए कुछ करना चाहता है। उन्हें इसका अवसर मिलना चाहिए।

Google GmailTwitterFacebookWhatsAppShare

महाविद्यालयों में प्रवेश और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने यूजीसी उठाएगा कदम

नागपुर। हमारे देश की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौती है बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़कर इनरोलमेंट का अनुपात बढ़ाना। फिलहाल हमारे देश का यह अनुपात 25.8 है, अन्य विकसित देशों की तुलना में यह काफी कम है, हम इसे बढ़ाना चाहते हैं। हमारी दूसरी बड़ी चुनौती शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की है। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कई कदम उठा रहा है। यूजीसी मानती है कि केवल तीन घंटे की परीक्षा से किसी विद्यार्थी की प्रतिभा का आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें एक विकसित परीक्षा प्रणाली विकासित करने की जरूरत है।नागपुर। हमारे देश की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौती है बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़कर इनरोलमेंट का अनुपात बढ़ाना। फिलहाल हमारे देश का यह अनुपात 25.8 है, अन्य विकसित देशों की तुलना में यह काफी कम है, हम इसे बढ़ाना चाहते हैं। हमारी दूसरी बड़ी चुनौती शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की है। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कई कदम उठा रहा है। यूजीसी मानती है कि केवल तीन घंटे की परीक्षा से किसी विद्यार्थी की प्रतिभा का आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें एक विकसित परीक्षा प्रणाली विकासित करने की जरूरत है।

Google GmailTwitterFacebookWhatsAppShare