सार्वजनिक नीति और सुशासन को बताया लोककल्याण के लिए जरूरी भिलाई। विजन इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित पॉलिसी बूटकैम्प 2019 में युवा नेतृत्व कर्ताओं के साथ More »

भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी में दस दिवसीय योग प्रशिक्षण का कार्यक्रम, योग प्रशिक्षक अरूण अग्रवाल (बिहार योग विद्यालय से प्रशिक्षित एवं वर्तमान में कबीर More »

दुर्ग। शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रीन आॅडिट में प्राप्त सुझावों More »

भिलाई। गर्भधारण से लेकर एक शिशु को जन्म देने का सर्वाधिकार उसकी मां के पास सुरक्षित होता है। स्वयंसिद्धा समूह ने एक मां के संघर्ष More »

भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में गणेश चतुर्थी एवं विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्नेह संपदा, भिलाई More »

 

Daily Archives: June 11, 2019

छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश बढ़ाने सरकार के साथ काम करेगी ‘नाचा’

भिलाई। उत्तरी अमरीका में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ‘नाचा’ ने राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए शासन के साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की है। ‘नाचा’ का मानना है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना विदेश दौरा रद्द करके सही समय में सही फैसला किया है। केवल दौरों और कुछ सम्मेलनों के माध्यम से निवेश नहीं आ सकता। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से रोजगार के लिए बाहर निकला प्रत्येक व्यक्ति अपने देश और राज्य के लिए कुछ करना चाहता है। उन्हें इसका अवसर मिलना चाहिए।भिलाई। उत्तरी अमरीका में रहने वाले अप्रवासी भारतीयों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ‘नाचा’ ने राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए शासन के साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की है। ‘नाचा’ का मानना है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना विदेश दौरा रद्द करके सही समय में सही फैसला किया है। केवल दौरों और कुछ सम्मेलनों के माध्यम से निवेश नहीं आ सकता। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से रोजगार के लिए बाहर निकला प्रत्येक व्यक्ति अपने देश और राज्य के लिए कुछ करना चाहता है। उन्हें इसका अवसर मिलना चाहिए।

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महाविद्यालयों में प्रवेश और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने यूजीसी उठाएगा कदम

नागपुर। हमारे देश की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौती है बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़कर इनरोलमेंट का अनुपात बढ़ाना। फिलहाल हमारे देश का यह अनुपात 25.8 है, अन्य विकसित देशों की तुलना में यह काफी कम है, हम इसे बढ़ाना चाहते हैं। हमारी दूसरी बड़ी चुनौती शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की है। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कई कदम उठा रहा है। यूजीसी मानती है कि केवल तीन घंटे की परीक्षा से किसी विद्यार्थी की प्रतिभा का आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें एक विकसित परीक्षा प्रणाली विकासित करने की जरूरत है।नागपुर। हमारे देश की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी चुनौती है बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़कर इनरोलमेंट का अनुपात बढ़ाना। फिलहाल हमारे देश का यह अनुपात 25.8 है, अन्य विकसित देशों की तुलना में यह काफी कम है, हम इसे बढ़ाना चाहते हैं। हमारी दूसरी बड़ी चुनौती शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की है। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कई कदम उठा रहा है। यूजीसी मानती है कि केवल तीन घंटे की परीक्षा से किसी विद्यार्थी की प्रतिभा का आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें एक विकसित परीक्षा प्रणाली विकासित करने की जरूरत है।

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