ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में है करियर की बेहतर संभावना : रूंगटा

राज्य में केवल संतोष रूंगटा समूह में उपलब्ध है यह ब्रांच

भिलाई। ऐसे समय में जबकि युवा इंजीनियरिंग कोर्सेस में कम्प्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा कोर ब्रांचेस मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल तथा सिविल इंजीनियरिंग में से ब्रांच सिलेक्ट करने में अपनी रूचि दिखा रहे हैं वहीं ब्रांच चयन तथा इच्छित कॉलेज के अलॉट ने होने से में कुछ युवाओं तथा पालकों में इंजीनियरिंग की एडमिशन को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है ऐसी स्थिति में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए भारत में तेजी से बढ़ रही आॅटोमोबाइल सेक्टर की ग्रोथ को देखते हुए आॅटोमोबाइल इंजीनियरिंग युवाओं के लिये बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।भिलाई। ऐसे समय में जबकि युवा इंजीनियरिंग कोर्सेस में कम्प्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा कोर ब्रांचेस मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल तथा सिविल इंजीनियरिंग में से ब्रांच सिलेक्ट करने में अपनी रूचि दिखा रहे हैं वहीं ब्रांच चयन तथा इच्छित कॉलेज के अलॉट ने होने से में कुछ युवाओं तथा पालकों में इंजीनियरिंग की एडमिशन को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है ऐसी स्थिति में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए भारत में तेजी से बढ़ रही ऑटोमोबाइल सेक्टर की ग्रोथ को देखते हुए ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग युवाओं के लिये बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। भिलाई। ऐसे समय में जबकि युवा इंजीनियरिंग कोर्सेस में कम्प्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा कोर ब्रांचेस मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल तथा सिविल इंजीनियरिंग में से ब्रांच सिलेक्ट करने में अपनी रूचि दिखा रहे हैं वहीं ब्रांच चयन तथा इच्छित कॉलेज के अलॉट ने होने से में कुछ युवाओं तथा पालकों में इंजीनियरिंग की एडमिशन को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है ऐसी स्थिति में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए भारत में तेजी से बढ़ रही आॅटोमोबाइल सेक्टर की ग्रोथ को देखते हुए आॅटोमोबाइल इंजीनियरिंग युवाओं के लिये बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का क्षेत्र मुख्यत: कार, ट्रक, मोटर साइकिल, स्कूटर आदि वाहनों के डिजाइन, विकास, निर्माण, परीक्षण और मरम्मत व सर्विस से जुड़ा होता है।
डायरेक्टर एफ एण्ड ए सोनल रूंगटा के अनुसार भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर में हो रही ग्रोथ से ऑटोमोबाइल इंजीनियर्स की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। औद्योगीकरण तथा शहरीकरण से फोर व्हीलर, टू-व्हीलर तथा माल-वाहकों की संख्या में दिन-दुनी रात-चैगुनी हो रही है वहीं नीति आयोग द्वारा वर्ष 2023 तक सभी तिपहिया वाहनों और 2025 तक 150 सीसी तक के सभी दोपहिया वाहन बिजली चालित हों इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार के इस कदम से ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रवेश के साथ एक नई क्रांति का सूत्रपात होने वाला है जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बेतहाशा बढ़ेंगे। आॅटोमोबाइल इंजीनियर्स कीे वाहन बनाने वाली कंपनी से लेकर सर्विस स्टेशन, इंश्योरेंस सेक्टर, ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन आदि में आवश्यकता होती है। इसके अलावा आॅटोमोबाइल इंजीनियर्स के लिये अपना गैरेज, वकर्शाॅप या सर्विस सेंटर प्रारंभ कर स्व-रोजगार की भी असीम संभावनायें हैं।
संतोष रूंगटा समूह के भिलाई तथा रायपुर में संचालित कॉलेजों रूंगटा कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी(आरसीइटी)-भिलाई तथा रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी(आरसीइटी)-रायपुर में संभावनाओं से भरी ऑटोमोबाइल ब्रांच में पीईटी की जारी काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश प्राप्त किया जा सकता है। कॉलेज में संचालित बीई आॅटोमोबाइल इंजीनियरिंग का यह चार-वर्षीय डिग्री कोर्स सीएसवीटीयू, भिलाई से संबद्ध तथा एआईसीटीई, नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त है।

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