जनसंख्या दिवस : कड़े नियम बनाए बिना आबादी पर नियंत्रण संभव नहीं

एमजे कालेज में विश्व जनसंख्या दिवस पर वैचारिक संगोष्ठि

भिलाई। दुनिया की आबादी बढ़ कर जुलाई 2019 तक 750 करोड़ हो चुकी है। यदि इसी रफ्तार से आबादी बढ़ती गई तो पृथ्वी पर मनुष्यों का भी जीवन संकट में आ जाएगा। एमजे कालेज में आज विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित संगोष्ठि में आबादी वृद्धि के कारण और इसे रोकने के विकल्पों पर सार्थक चर्चा की गई। यह पाया गया कि कठिन नियम कानून के बिना आबादी को रोकना संभव नहीं होगा।भिलाई। दुनिया की आबादी बढ़ कर जुलाई 2019 तक 750 करोड़ हो चुकी है। यदि इसी रफ्तार से आबादी बढ़ती गई तो पृथ्वी पर मनुष्यों का भी जीवन संकट में आ जाएगा। एमजे कालेज में आज विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित संगोष्ठि में आबादी वृद्धि के कारण और इसे रोकने के विकल्पों पर सार्थक चर्चा की गई। यह पाया गया कि कठिन नियम कानून के बिना आबादी को रोकना संभव नहीं होगा।भिलाई। दुनिया की आबादी बढ़ कर जुलाई 2019 तक 750 करोड़ हो चुकी है। यदि इसी रफ्तार से आबादी बढ़ती गई तो पृथ्वी पर मनुष्यों का भी जीवन संकट में आ जाएगा। एमजे कालेज में आज विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित संगोष्ठि में आबादी वृद्धि के कारण और इसे रोकने के विकल्पों पर सार्थक चर्चा की गई। यह पाया गया कि कठिन नियम कानून के बिना आबादी को रोकना संभव नहीं होगा।संगोष्ठि की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ कुबेर सिंह गुरुपंच ने कहा कि बेटा या बेटी की चाह में अधिक बच्चे उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा और जीवन स्तर का संतानों की संख्या से संबंध जोड़ते हुए कहा कि अशिक्षित लोगों के यहां ज्यादा बच्चे पैदा करने की प्रवृत्ति होती है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि आबादी नियंत्रण के लिए वहां कठोर कानून बनाए गए जिसका आज तक पालन हो रहा है।
शिक्षा विभाग की प्रभारी डॉ श्वेता भाटिया ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण किसी एक कौम की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। शासन को चाहिए कि वह एक जनसंख्या नीति बनाए जिसका सभी कड़ाई से पालन करें।
सहा. प्राध्यापक अर्चना त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं में सुधार के साथ जच्चा-बच्चा मृत्यु दर कम हुई है। इसके साथ ही लोगों की औसत आयु में वृद्धि हुई है। विज्ञान की प्रगति जागरूकता की प्रगति से तेज होती है। इसलिए यदि हमें आबादी पर नियंत्रण पाना है तो कठोर कानून बनाने होंगे और उनका कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित करना होगा।
भिलाई। दुनिया की आबादी बढ़ कर जुलाई 2019 तक 750 करोड़ हो चुकी है। यदि इसी रफ्तार से आबादी बढ़ती गई तो पृथ्वी पर मनुष्यों का भी जीवन संकट में आ जाएगा। एमजे कालेज में आज विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित संगोष्ठि में आबादी वृद्धि के कारण और इसे रोकने के विकल्पों पर सार्थक चर्चा की गई। यह पाया गया कि कठिन नियम कानून के बिना आबादी को रोकना संभव नहीं होगा।सहा. प्राध्यापक ममता एस राहुल ने कहा कि देश में समान शिक्षा, समान नागरिक कानून लाए बिना आबादी पर नियंत्रण पाना कठिन है। उन्होंने कहा कि एक या दो से अधिक बच्चों की इजाजत किसी को भी नहीं दी जा सकती। सिर्फ भारत की नहीं बल्कि विश्व की सुरक्षा का सवाल है।
संगोष्ठि में सहा. प्राध्यापक शकुन्तला जलकारे, नेहा महाजन, उर्मिला यादव, दीपक रंजन दास, रंजीता सिंह, गायत्री गौतम ने भी अपने अपने विचार रखे। अंत में एनएसएस प्रभारी डॉ जेपी कन्नौजे ने कहा कि हमें प्रत्येक स्तर पर पहल करनी होगी। एक या दो से अधिक बच्चे पैदा करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के साथ साथ, जागरूकता एवं शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी से प्रयास करने होंगे।

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