तालाबों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के निर्देश, नहीं होगी भूजल स्तर में कमी

भिलाई। महापौर एवं विधायक देवेंद्र यादव ने जल संरक्षण एवं संचयन के लिए, तालाबों के घटते जलस्तर को देखते हुए वर्षा जल संचयन तथा संरक्षण की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने इस दिशा में पहल करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये हैं। इसके लिए प्राथमिकता के तौर पर तालाबों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के उपाय किये जाने हैं। इसका फैसला निगम सभागार में हुई मैराथन बैठकों में लिया गया।भिलाई। महापौर एवं विधायक देवेंद्र यादव ने जल संरक्षण एवं संचयन के लिए, तालाबों के घटते जलस्तर को देखते हुए वर्षा जल संचयन तथा संरक्षण की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने इस दिशा में पहल करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये हैं। इसके लिए प्राथमिकता के तौर पर तालाबों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के उपाय किये जाने हैं। इसका फैसला निगम सभागार में हुई मैराथन बैठकों में लिया गया।भिलाई। महापौर एवं विधायक देवेंद्र यादव ने जल संरक्षण एवं संचयन के लिए, तालाबों के घटते जलस्तर को देखते हुए वर्षा जल संचयन तथा संरक्षण की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने इस दिशा में पहल करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये हैं। इसके लिए प्राथमिकता के तौर पर तालाबों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के उपाय किये जाने हैं। इसका फैसला निगम सभागार में हुई मैराथन बैठकों में लिया गया।वाटर हार्वेस्टिंग के लिए विभिन्न संगठन, समूह, व्यक्ति, आम नागरिक, प्रबुद्ध जन, उद्योगपति, महिला संगठन आदि को खुला विचार रखने एवं जनभागीदारी को सम्मिलित करते हुए से कार्य हेतु आमंत्रित किया गया था। निगम के विभिन्न तालाबों में रूआबांधा डबरी, गोकुल नगर तालाब, वैकुंठ नगर तालाब, पुरैना तालाब, खमरिया आला बंद तालाब, खमरिया शीतला तालाब, कोहका शीतला तालाब, कुरूद भेलवा तालाब, दर्री छावनी तालाब, बापू नगर कैंप 2 तालाब, नेवई तालाब, रिसाली क्षेत्र शीतला तालाब आदि मे वाटर हार्वेस्टिंग विकसित करने के निर्देश आयुक्त द्वारा दिए गए हैं। जिन तालाबों में पानी की कमी होती है ऐसे तालाबों को विशेषकर चिन्हाकित कर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम डेवलपमेंट करने कहा गया है ताकि तालाबों में पानी भरा रहे एवं आसपास के क्षेत्र के जलस्तर में गिरावट न हो, पहली बार निगम क्षेत्र में ऐसा हो रहा है कि तालाबों में भी वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाया जा रहा है।
इसी प्रकार से अन्य क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए स्व प्रेरणा से प्रति महिला समूह के द्वारा 10-10 पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्व. सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कार्य किया जा रहा है, जिसमें जोन 6 में 4 समूह जोन 01 में एक समूह, जोन 2 में एक समूह, जोन 3 में एक समूह एवं जोन 04 में एक समूह द्वारा वाटर हार्वेस्टिंग की दिशा में कार्य किया जा रहा है! इसके साथ ही निगम क्षेत्र के समस्त उद्यानों, निचले क्षेत्र में, जलजमाव वाले स्थानों में वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है।
निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले 27 शासकीय स्कूलों में भी वाटर हार्वेस्टिंग डेवलपमेंट करने के लिए आयुक्त सुंदरानी द्वारा प्रति स्कूल 15000 रुपए विद्यालयों के खातों में स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
श्री सुंदरानी ने बताया कि वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का कार्य निश्चित रूप से वर्षा जल को भूगर्भ मैं पहुंचाने का कार्य करती है तथा यह आज की तिथि में अत्यंत आवश्यक है, पहले बोर का पानी बहुत ही कम लगभग 60 फीट तक मिल जाता था परंतु अब इससे अधिक फीट में भी पानी प्राप्त नहीं होता है जिससे घटते जलस्तर से इंकार नहीं किया जा सकता। इन सब का एक ही उपाय है जल का संरक्षण एवं संचयन करना जिसे हाइड्रोलॉजिकल फार्मेशन एवं मृदा कण की भौगोलिक स्थिति के अनुसार भूगर्भ में पहुंचाने का कार्य किया जा सकता है तभी वाटर हार्वेस्टिंग का सदुपयोग होगा व जल स्तर बना रहेगा।

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