भिलाई। ‘न तो श्रीकृष्ण रणछोड़ थे न ही नारद जी चुगलखोर। दोनों की प्रत्येक क्रिया के पीछे गहरी सोच हुआ करती थी। श्रीकृष्ण ने कालयवन More »

भिलाई। सेन्ट्रल एवेन्यू पर धूम मचाने वाली ‘तफरीह’ एक बार फिर प्रारंभ होने जा रही है। महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव की यह महत्वाकांक्षी योजना More »

भिलाई। इंदु आईटी स्कूल में प्री-प्राइमरी विंग के नर्सरी से केजी-2 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। More »

भिलाई। केपीएस के प्रज्ञोत्सव-2019 में आज शास्त्रीय नृत्यांगनाओं ने पौराणिक कथाओं को बेहद खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा। भरतनाट्यम एवं कूचिपुड़ी कलाकारों ने महाभारत, More »

भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा ने 73वां स्वतंत्रता दिवस खुले, स्वच्छंद आकाश में ध्वजारोहण करते हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में स्कूल की बैण्ड More »

 

Daily Archives: July 2, 2019

रूंगटा के एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग सिलेबस का स्कोप अधिक, रोजगार की बेहतर संभावनायें

भिलाई। संतोष रूंगटा समूह के रूंगटा कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी (आरसीइटी), भिलाई में संचालित बीई की एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की ब्रांच युवाओं को उन्नत कृषि क्षेत्र के ज्ञान से परिपूर्ण बनाने में पूर्णतया सक्षम है। यह कोर्स एआईसीटीई, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त तथा सीएसवीटीयू, भिलाई से संबद्धता प्राप्त है। चेयरमेन संतोष रूंगटा ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई से संबद्ध एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कोर्स में अन्य कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा चलाये जा रहे कोर्स से भिन्नता है।भिलाई। संतोष रूंगटा समूह के रूंगटा कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी (आरसीइटी), भिलाई में संचालित बीई की एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की ब्रांच युवाओं को उन्नत कृषि क्षेत्र के ज्ञान से परिपूर्ण बनाने में पूर्णतया सक्षम है। यह कोर्स एआईसीटीई, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त तथा सीएसवीटीयू, भिलाई से संबद्धता प्राप्त है। चेयरमेन संतोष रूंगटा ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई से संबद्ध एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कोर्स में अन्य कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा चलाये जा रहे कोर्स से भिन्नता है।

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एसएसटीसी में माडर्नाइजेशन इन इलेक्ट्रिकल मशीन्स एंड पावर प्लांट्स पर कार्यशाला

भिलाई। श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा टेकिप - 3 के अंतर्गत तकनीकी शिक्षकों हेतु "इंडस्ट्रियल एडवांसमेंट्स एंड मोडर्नाइजेशन इन इलेक्ट्रिकल मशीन्स एंड पावर प्लांट्स" पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन एक एवं दो जुलाई को किया गया। इस कायर्शाला पर जानकारी देते हुए विभाग प्रमुख प्रो नवीन गोयल ने इसे वर्तमान समय में आवश्यक एवं प्रभावशाली बताया है।भिलाई। श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा टेकिप – 3 के अंतर्गत तकनीकी शिक्षकों हेतु “इंडस्ट्रियल एडवांसमेंट्स एंड मोडर्नाइजेशन इन इलेक्ट्रिकल मशीन्स एंड पावर प्लांट्स” पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन एक एवं दो जुलाई को किया गया। इस कायर्शाला पर जानकारी देते हुए विभाग प्रमुख प्रो नवीन गोयल ने इसे वर्तमान समय में आवश्यक एवं प्रभावशाली बताया है।

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बीएससी बायो टेक के बाद स्वरूपानंद के विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में बनाया मुकाम

भिलाई। स्वरूपानंद के एलमुनाई ने छत्तीसगढ़ में अपनी प्रतिभा का परचम फैलाया व सफलता का वह मुकाम हासिल किया जिससे अन्य अभ्यर्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। इन पूर्व विद्यार्थियों ने अनुसंधान सहित विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं को स्थापित किया है और निरंतर अच्छा काम कर रहे हैं। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के एलमुनाई डॉ.सुनील साहू ने महाविद्यालय से बीएससी बॉयोटेक्नोलॉजी करने के बाद अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चेन्नई से इसी विषय में एमएससी किया। वर्तमान में रिसर्च साईंटिस्ट के पद पर इंस्टीट्यूट आॅफ न्यूू एग्रीकल्चर रिसर्च चायना में कार्यरत है।भिलाई। स्वरूपानंद के एलमुनाई ने छत्तीसगढ़ में अपनी प्रतिभा का परचम फैलाया व सफलता का वह मुकाम हासिल किया जिससे अन्य अभ्यर्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। इन पूर्व विद्यार्थियों ने अनुसंधान सहित विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं को स्थापित किया है और निरंतर अच्छा काम कर रहे हैं। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के एलमुनाई डॉ.सुनील साहू ने महाविद्यालय से बीएससी बॉयोटेक्नोलॉजी करने के बाद अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चेन्नई से इसी विषय में एमएससी किया। वर्तमान में रिसर्च साईंटिस्ट के पद पर इंस्टीट्यूट आॅफ न्यूू एग्रीकल्चर रिसर्च चायना में कार्यरत है।

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जीई फाउंडेशन ने बच्चों को दी उनसे जुड़ी कानूनों की जानकारी

भिलाई। सामाजिक संस्था जी ई फाउंडेशन ने अनूठी पहल की है। न्यायाधीशो के माध्यम से बच्चो को संविधान,कानून और बच्चों की सुरक्षा हित मे बनाये गए कानून की एवं महापुरुषो के बारे मे जानकारी देते हुए बच्चों से संबंधित कानून की सरल शब्दों की से अवगत कराया। जैसा की ज्ञात है जी ई फाउंडेशन द्वारा पिछले वर्ष महाशिक्षा अभियान कार्यक्रम चलाया गया था जिसके तहत शहर के कुछ स्कूलों मे बच्चो को पाठ्यक्रम सामग्री उपलब्ध करवाई गयी थी। इस वर्ष भी इसी अभियान तहत,आज संजीवनी हॉस्टल दुर्ग मे बच्चियों को पाठ्य सामग्री,वाटर बाटल,टी शर्ट का वितरण किया गया।भिलाई। सामाजिक संस्था जीई फाउंडेशन ने अनूठी पहल की है। न्यायाधीशो के माध्यम से बच्चो को संविधान,कानून और बच्चों की सुरक्षा हित मे बनाये गए कानून की एवं महापुरुषो के बारे मे जानकारी देते हुए बच्चों से संबंधित कानून की सरल शब्दों की से अवगत कराया। जैसा की ज्ञात है जी ई फाउंडेशन द्वारा पिछले वर्ष महाशिक्षा अभियान कार्यक्रम चलाया गया था जिसके तहत शहर के कुछ स्कूलों मे बच्चो को पाठ्यक्रम सामग्री उपलब्ध करवाई गयी थी। इस वर्ष भी इसी अभियान तहत,आज संजीवनी हॉस्टल दुर्ग मे बच्चियों को पाठ्य सामग्री,वाटर बाटल,टी शर्ट का वितरण किया गया।

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सेमरिया में होगा बायो मेडिकल वेस्ट का निपटान, शासन को भेजी योजना

भिलाई। जैव चिकित्सा अपशिष्ट की संयुक्त उपचार व्यवस्था हेतु ग्राम सेमरिया की भूमि में ई टेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराने के लिए निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव महापौर परिषद के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया था जिस पर चर्चा उपरांत प्रस्ताव अनुसार स्वीकृति प्रदान करने हेतु इस प्रस्ताव को राज्य शासन को भेजे जाने का संकल्प एमआईसी ने पारित किया है!भिलाई। जैव चिकित्सा अपशिष्ट की संयुक्त उपचार व्यवस्था हेतु ग्राम सेमरिया की भूमि में ई टेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराने के लिए निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव महापौर परिषद के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया था जिस पर चर्चा उपरांत प्रस्ताव अनुसार स्वीकृति प्रदान करने हेतु इस प्रस्ताव को राज्य शासन को भेजे जाने का संकल्प एमआईसी ने पारित किया है!

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शंकराचार्य महाविद्यालय में मेगा प्रदूषण जागरूकता पखवाड़ा प्रारंभ

भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी, भिलाई में मेगा प्रदूषण जागरूकता अभियान कार्यक्रम एन.सी.सी. इकाई की तरफ से मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के प्रथम दिवस के मुख्य अतिथि एन.सी.सी. के 37 सीजी बीएन एनसीसी दुर्ग के कंमांडिंग आफिसर कर्नल राजेश सेठी उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत पौधों द्वारा किया गया। कर्नल राजेश सेठी ने कहा की पर्यावरण को कैसे बचाना चाहिए एवं उसकी रक्षा कैसे करना चाहिए के विषय के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आज पूरा विश्व गंभीर पर्यावरण प्रदूषण से गुजर रहा है जिसमें सांस भी लेना दुभर है। आप ने कहा कि हमको हमारे प्रत्येक जन्मदिन में पौधे लगाकर उससे सुरक्षित रखने का संकल्प लेना चाहिए।भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी, भिलाई में मेगा प्रदूषण जागरूकता अभियान कार्यक्रम एन.सी.सी. इकाई की तरफ से मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के प्रथम दिवस के मुख्य अतिथि एन.सी.सी. के 37 सीजी बीएन एनसीसी दुर्ग के कंमांडिंग आफिसर कर्नल राजेश सेठी उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत पौधों द्वारा किया गया। कर्नल राजेश सेठी ने कहा की पर्यावरण को कैसे बचाना चाहिए एवं उसकी रक्षा कैसे करना चाहिए के विषय के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आज पूरा विश्व गंभीर पर्यावरण प्रदूषण से गुजर रहा है जिसमें सांस भी लेना दुभर है। आप ने कहा कि हमको हमारे प्रत्येक जन्मदिन में पौधे लगाकर उससे सुरक्षित रखने का संकल्प लेना चाहिए।

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पाटणकर कन्या महाविद्यालय में ‘तनाव मुक्ति’ पर कार्यशाला का आयोजन

दुर्ग। शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग की यूथ रेडक्रॉस इकाई के तत्वाधान पर ‘तनाव मुक्ति’ पर एक सप्ताह की कार्यशाला प्रारंभ हुई। कार्यशाला प्रभारी डॉ. रेशमा लाकेश ने बताया कि इस भागदौड़ की जिंदगी में बहुत से तनावों का हम सामना करते है। छोटी-छोटी मात्रा में इनसे लाभ होता है क्रियाशीलता बढ़ती है तो जब इसका आधिक्य हो जाए तो यह गंभीर रूप ले लेता है। कार्यस्थल का तनाव हमारी क्षमता और क्रियाशीलता को प्रभावित कर देता है। सात दिवसीय इस कायर्शाला में विशेषज्ञ महत्वपूर्ण जानकारी के साथ इससे बचने के उपाय भी बताएगें।दुर्ग। शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग की यूथ रेडक्रॉस इकाई के तत्वाधान पर ‘तनाव मुक्ति’ पर एक सप्ताह की कार्यशाला प्रारंभ हुई। कार्यशाला प्रभारी डॉ. रेशमा लाकेश ने बताया कि इस भागदौड़ की जिंदगी में बहुत से तनावों का हम सामना करते है। छोटी-छोटी मात्रा में इनसे लाभ होता है क्रियाशीलता बढ़ती है तो जब इसका आधिक्य हो जाए तो यह गंभीर रूप ले लेता है। कार्यस्थल का तनाव हमारी क्षमता और क्रियाशीलता को प्रभावित कर देता है। सात दिवसीय इस कायर्शाला में विशेषज्ञ महत्वपूर्ण जानकारी के साथ इससे बचने के उपाय भी बताएगें।

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श्री शंकरचार्य टेक्नीकल कैम्पस में रासेयो इकाई ने किया वृहद वृक्षारोपण

सभी को अपने जीवन में कम से कम 7 वृक्ष लगाने चाहिए : आईपी मिश्रा

 भिलाई। श्री शंकरचार्य टेक्नीकल कैम्पस में राष्ट्रीय सेवा योजना के मार्गदर्शन मे संस्था परिसर में वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं, गैरशैक्षणिक एवं शैक्षणिक सद्स्यों को पर्यावरण सुरक्षा एवं संस्था परिसर को हरा-भरा रखने के लिए सभी को जागरूक कर भविष्य में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। एसजीईएस के चेयरमैन आईपी मिश्रा ने राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम के इस अनोखे पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी को अपने जीवन में कम से कम 7 वृक्ष जरुर लगाने चाहिए तथा वृक्षों का पालन-पोषण वैसे ही करें जिस तरह से हम अपने बच्चों का पालन-पोषण करते है।भिलाई। श्री शंकरचार्य टेक्नीकल कैम्पस में राष्ट्रीय सेवा योजना के मार्गदर्शन मे संस्था परिसर में वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं, गैरशैक्षणिक एवं शैक्षणिक सद्स्यों को पर्यावरण सुरक्षा एवं संस्था परिसर को हरा-भरा रखने के लिए सभी को जागरूक कर भविष्य में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। एसजीईएस के चेयरमैन आईपी मिश्रा ने राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम के इस अनोखे पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी को अपने जीवन में कम से कम 7 वृक्ष जरुर लगाने चाहिए तथा वृक्षों का पालन-पोषण वैसे ही करें जिस तरह से हम अपने बच्चों का पालन-पोषण करते है।

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मयंक की बीट-बॉक्सिंग ने बटोरी श्रोताओं की तालियां, शारदा सामर्थ्य ट्रस्ट ने दिया मौका

भिलाई। माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट के मंच पर मयंक पेटकर ने बीट-बॉक्सिंग की अद्भुत कला की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। शंकराचार्य विद्यालय, हुडको की कक्षा 12वीं के छात्र मयंक ने बताया कि यह कला वेस्टर्न हिप-हॉप कल्चर का ही एक हिस्सा है। यूट्यूब ने इस विधा को सीखने में उनकी मदद की। रविवार को होटल अमित पार्क इंटरनेशनल में आयोजित माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यक्रम में कॉमर्स गुरू डॉ संतोष राय ने मयंक का परिचय दिया। मयंक के पिता की कुछ समय पूर्व आकस्मिक मृत्यु हो गई। इस सदमे ने उसे हिला कर रख दिया था। पर पढ़ने में रुचि और हॉबी ने उसे इस सदमे से उबारा और वह एक बार फिर अपनी हुनर को निखारने में जुट गया है।भिलाई। माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट के मंच पर मयंक पेटकर ने बीट-बॉक्सिंग की अद्भुत कला की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। शंकराचार्य विद्यालय, हुडको की कक्षा 12वीं के छात्र मयंक ने बताया कि यह कला वेस्टर्न हिप-हॉप कल्चर का ही एक हिस्सा है। यूट्यूब ने इस विधा को सीखने में उनकी मदद की। मयंक के पिता की कुछ समय पूर्व आकस्मिक मृत्यु हो गई। इस सदमे ने उसे हिला कर रख दिया था। पर पढ़ने में रुचि और हॉबी ने उसे इस सदमे से उबारा और वह एक बार फिर अपनी हुनर को निखारने में जुट गया है।

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