स्वरूपानंद महाविद्यालय में ‘अपनी सुरक्षा अपना हाथ’ पर कार्यशाला

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ एवं राष्ट्र सेविका समिति के संयुक्त तात्वावधान में ‘अपनी सुरक्षा अपना हाथ’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग न्यायालय बार एसोसियेशन की महिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता पूजा मोगरी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता थीं। राष्ट्र सेविका समिति की श्रीमती रचना नायडू, शारदा पाण्डे, अधिवक्ता दुर्ग न्यायालय रश्मि राजपूत, अश्विनी वागले, सुचिता राजहंस शामिल हुई।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ एवं राष्ट्र सेविका समिति के संयुक्त तात्वावधान में ‘अपनी सुरक्षा अपना हाथ’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग न्यायालय बार एसोसियेशन की महिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता पूजा मोगरी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता थीं। राष्ट्र सेविका समिति की श्रीमती रचना नायडू, शारदा पाण्डे, अधिवक्ता दुर्ग न्यायालय रश्मि राजपूत, अश्विनी वागले, सुचिता राजहंस शामिल हुई। भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ एवं राष्ट्र सेविका समिति के संयुक्त तात्वावधान में ‘अपनी सुरक्षा अपना हाथ’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग न्यायालय बार एसोसियेशन की महिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता पूजा मोगरी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता थीं। राष्ट्र सेविका समिति की श्रीमती रचना नायडू, शारदा पाण्डे, अधिवक्ता दुर्ग न्यायालय रश्मि राजपूत, अश्विनी वागले, सुचिता राजहंस शामिल हुई।महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. तृषा शर्मा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये कहा, ‘बीसवीं सदी में बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ का नारा व्यथित करता है। चन्द्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण के बाद और नारी सशक्तीकरण के तमाम प्रयासों के बाद भी महिलायें सुरक्षित नहीं है। 3 महीने के बच्चे से लेकर 60 साल तक की महिलाओं की रेप की खबर आये दिन सोशल मीडिया और अखबारों में छपी होती है। इन सब नकारात्मकता के बाद भी ये सच है की महिलायें कमजोर नहीं है। इस कार्यशाला का उद्देश्य यही है कि यदि महिला विपरीत परिस्थितियों में फंस जाए तो वह अपनी सुरक्षा किस तरह करे।’
राष्ट्र सेवा समिति की शारदा चन्द्र ने एक गीत गाकर छात्राओं में नई ऊर्जा का संचार किया। रश्मि राजपूत ने विद्यार्थियों को पांच प्रश्नों के माध्यम से आत्म सुरक्षा के उपाय बतायें- चार वस्तु के बिना घर से नहीं निकल सकते। पांच मोबाईल नं. जिसमें परिवार के सदस्यों के नाम हो। हेल्पलाईन नं. एंबुलेंस नं. आदि याद होना चाहिये। अपनी सुरक्षा के लिये किस वस्तु का उपयोग कर सकते है। पांच ऐसे व्यवसाय को आप जानते है जो आपातकाल में हमारी रक्षा कर सकते है।
श्रीमती पूजा मोगरी ने छात्राओं के आत्म सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुये कहा हम अपनी सुरक्षा अपने हाथ तभी कर सकते है जब हम में आत्मबल हो, मानसिक रुप से मजबूत हों। भारतीय संविधान ने हमें बहुत अधिकार दिये हैं पर इसका उपयोग तभी कर सकते है जब उसकी जानकारी हो। उन्होंने बताया आप कहीं बाहर जा रहे है तो सोशल मीडिया में न स्टैटस डालें और न ही लोकेशन। इससे अपराधियों को आपकी जानकारी मिल जाती है। खाली आटो रिक्शा या बस में न बैठे, टैक्सी, आटो आदि का नं. अपने परिजनों को भेजें। यदि आप अपने घर से दूर रह रहे है कोई परेशान कर रहा है तो नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करें या हेल्पलाईन नं. का प्रयोग करें। दोस्तों के साथ पार्टी में जा रहे हैं तो सचेत रहे। साथ ही महिला अधिकारों की जानकारी दी।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने समसमायिक परिप्रेक्ष्य में उपयोगी विषय पर कार्यक्रम आयोजन के लिये महिला प्रकोष्ठ को बधाई दी एवं कहा आज लड़कियां घर, बाहर कहीं सुरक्षित नहीं है। हर उम्र की महिला को खतरा है अगर हम अपने सुरक्षा के प्रति जागरुक व प्रशिक्षित होते है तो मुसीबत का सामना डटकर कर सकते हैं।
भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ एवं राष्ट्र सेविका समिति के संयुक्त तात्वावधान में ‘अपनी सुरक्षा अपना हाथ’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग न्यायालय बार एसोसियेशन की महिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता पूजा मोगरी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता थीं। राष्ट्र सेविका समिति की श्रीमती रचना नायडू, शारदा पाण्डे, अधिवक्ता दुर्ग न्यायालय रश्मि राजपूत, अश्विनी वागले, सुचिता राजहंस शामिल हुई।मुख्यवक्ता श्रीमती रचना नायडू ने कहा कि हमें स्थिति में बदलाव लाना है। शारदा चन्द्रा ने छात्राओं को आत्मसुरक्षा के उपाय बताये हुये कहा मनुष्य के सत्रह मर्मस्थल होते हैं उसमें मुख्य नाक, सीना, नाभी के नीचे का भाग इन स्थलों में वार करना चाहिये। साथ ही उन्होंने छात्राओं को बिना हथियार के अपनी रक्षा करना सिखाया। छात्राओं से आत्म सुरक्षा संबंधी प्रश्नावली भरवाया गया। श्रेष्ठ उत्तर देने वाली छात्राओं फिजा फिरदौस, माधुरी साहू, सुनिधि पटेल, पूजा साहू, शालिनी चन्द्राकर, रंजिता जैन, हर्षा, अलफिजा रजा, परिजात श्रीवास्ताव, श्रद्वा वर्मा, निधि साहू, प्रिया त्रिपाठी, निधि सिंह, नेहा साहू एवं श्वेता पाण्डेय को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला सेल सदस्य डॉ अजीता सजीत स.प्रा. उषा साहू ने विशेष योगदान दिया। मंच संचालन डॉ. श्रीमती नीलम गांधी विभागाध्यक्ष वाणिज्य व धन्यवाद डॉ. अजीता सजीत सप्रा. वाणिज्य ने दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्रायें व प्राध्यापिकायें शामिल हुई।

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