भिलाई। ‘न तो श्रीकृष्ण रणछोड़ थे न ही नारद जी चुगलखोर। दोनों की प्रत्येक क्रिया के पीछे गहरी सोच हुआ करती थी। श्रीकृष्ण ने कालयवन More »

भिलाई। सेन्ट्रल एवेन्यू पर धूम मचाने वाली ‘तफरीह’ एक बार फिर प्रारंभ होने जा रही है। महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव की यह महत्वाकांक्षी योजना More »

भिलाई। इंदु आईटी स्कूल में प्री-प्राइमरी विंग के नर्सरी से केजी-2 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। More »

भिलाई। केपीएस के प्रज्ञोत्सव-2019 में आज शास्त्रीय नृत्यांगनाओं ने पौराणिक कथाओं को बेहद खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा। भरतनाट्यम एवं कूचिपुड़ी कलाकारों ने महाभारत, More »

भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा ने 73वां स्वतंत्रता दिवस खुले, स्वच्छंद आकाश में ध्वजारोहण करते हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में स्कूल की बैण्ड More »

 

Daily Archives: October 25, 2019

राष्ट्रीय सबजूनियर फेंसिंग : मणिपुर व पंजाब के नाम रहा खिताब

भिलाई। अग्रेसन भवन में 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक आयोजित 21 वीं सबजूनियर राष्ट्रिय फेंसिंग प्रतियोगिता 2019 के अंतिन दिन टीम चैम्पियनशिप का खिताबी मुकाबला सम्पन्न हुआ फॉइल बालक में मणिपुर विजेता रही। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र टीम रही तीसरा स्थान हरियाणा के नाम रहा। एपी टीम बालक में विजेता एस एस सी बी दूसरा स्थान मणिपुर ने हासिल किया तीसरा स्थान हरियाणा एवं मध्य प्रदेश ने हासिल किया।भिलाई। अग्रेसन भवन में 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक आयोजित 21 वीं सबजूनियर राष्ट्रिय फेंसिंग प्रतियोगिता 2019 के अंतिन दिन टीम चैम्पियनशिप का खिताबी मुकाबला सम्पन्न हुआ फॉइल बालक में मणिपुर विजेता रही। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र टीम रही तीसरा स्थान हरियाणा के नाम रहा। एपी टीम बालक में विजेता एस एस सी बी दूसरा स्थान मणिपुर ने हासिल किया तीसरा स्थान हरियाणा एवं मध्य प्रदेश ने हासिल किया।

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स्वरूपानंद महाविद्यालय में सुगंधित दीपक बनाने का प्रशिक्षण

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपांनद सरस्वती महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं को उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम के तहत मोम से विभिन्न आकार के सुगंधित दीये बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. शमा ए. बेग के द्वारा दिया गया। कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पूनम शुक्ला ने कहा कि बाजार में जो दीये मिलते है वे बहुत मंहगे होते हैं। हम घर पर ही रंग बिरंगे व सुगंधित दीये बना सकते है। जो कम खर्च में बनेगा। अपने श्रम से घर को जगमगा सकते है।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपांनद सरस्वती महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं को उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम के तहत मोम से विभिन्न आकार के सुगंधित दीये बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. शमा ए. बेग के द्वारा दिया गया। कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पूनम शुक्ला ने कहा कि बाजार में जो दीये मिलते है वे बहुत मंहगे होते हैं। हम घर पर ही रंग बिरंगे व सुगंधित दीये बना सकते है। जो कम खर्च में बनेगा। अपने श्रम से घर को जगमगा सकते है।

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माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट दीपावली में ‘लिबास’ के माध्यम से देगा दीया और मिठाई

भिलाई। माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘लिबास’ कार्यालय में इस दीपावली न केवल नये कपड़े देगा वरन 26 अक्टूबर को ट्रस्ट के माध्यम से बस्ती एवं झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को मिठाई और दीया का भी वितरण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट की सदस्य रूची बाफना, रमेश पटेल, दीपेश पटेल, एडव्होकेट गौरी चक्रवर्ती, जगदीश तुलसवानी का विशेष सहयोग रहेगा।भिलाई। माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘लिबास’ कार्यालय में इस दीपावली न केवल नये कपड़े देगा वरन 26 अक्टूबर को ट्रस्ट के माध्यम से बस्ती एवं झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को मिठाई और दीया का भी वितरण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में माँ शारदा सामर्थ्य चैरिटेबल ट्रस्ट की सदस्य रूची बाफना, रमेश पटेल, दीपेश पटेल, एडव्होकेट गौरी चक्रवर्ती, जगदीश तुलसवानी का विशेष सहयोग रहेगा।

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माइलस्टोन अकादमी के बच्चों ने बताया चुम्बकीय पटरियों पर कैसे दौड़ती है ट्रेन

भिलाई। माइलस्टोन अकादमी का साइंस कार्निवाल एक बेहद रोचक एवं उपयोगी आयोजन सिद्ध हुआ। बच्चों ने पेरेन्ट्स को मॉडल द्वारा समझाया कि चुम्बकीय पटरियों पर ट्रेन कैसे दौड़ाई जाती है। पेरेन्ट्स के साथ प्लेनेटोरियम में बैठकर उन्होंने ग्रहों और तारों की गति और स्थिति को भी देखा समझा। उन्होंने वर्किंग मॉडल्स द्वारा यह समझाने की भी कोशिश की कि रसोई से लेकर खेल के मैदान तक हर जगह साइंस का कोई न कोई सिद्धांत काम कर रहा होता है। फर्क केवल नजरिये का होता है।भिलाई। माइलस्टोन अकादमी का साइंस कार्निवाल एक बेहद रोचक एवं उपयोगी आयोजन सिद्ध हुआ। बच्चों ने पेरेन्ट्स को मॉडल द्वारा समझाया कि चुम्बकीय पटरियों पर ट्रेन कैसे दौड़ाई जाती है। पेरेन्ट्स के साथ प्लेनेटोरियम में बैठकर उन्होंने ग्रहों और तारों की गति और स्थिति को भी देखा समझा। उन्होंने वर्किंग मॉडल्स द्वारा यह समझाने की भी कोशिश की कि रसोई से लेकर खेल के मैदान तक हर जगह साइंस का कोई न कोई सिद्धांत काम कर रहा होता है। फर्क केवल नजरिये का होता है।

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