Daily Archives: October 27, 2019

साहित्य के माध्यम से जीवन को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है – डॉ. शार्वा

दुर्ग। साहित्य परिषद साहित्य के विद्यार्थियों के लिए विमर्श का एक बेहतर मंच है। इसके माध्यम से वे साहित्य मनीषियों की जयंती या पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर सकते हैं। उक्त विचार शास. वि. या. ता. स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के स्नातकोत्तर हिन्दी परिषद के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. कोमल सिंह शार्वा (प्राचार्य शास. भानुप्रताप देव स्नातकोतर महाविद्यालय, कांकेर) ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से आज के जीवन को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।  डॉ. शार्वा ने ‘पत्रकारिता आज का समय और पत्रकारिता का स्वरूप’ विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया।दुर्ग। साहित्य परिषद साहित्य के विद्यार्थियों के लिए विमर्श का एक बेहतर मंच है। इसके माध्यम से वे साहित्य मनीषियों की जयंती या पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर सकते हैं। उक्त विचार शास. वि. या. ता. स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के स्नातकोत्तर हिन्दी परिषद के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. कोमल सिंह शार्वा (प्राचार्य शास. भानुप्रताप देव स्नातकोतर महाविद्यालय, कांकेर) ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से आज के जीवन को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। 

साइंस कालेज में नैक की नई मूल्यांकन पद्धति पर कार्यशाला का आयोजन

दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद नैक बंगलौर द्वारा जारी नई मूल्यांकन पद्धति पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के आईक्यूएसी द्वारा किया गया। प्राचार्य डॉ. आर.एन. सिंह तथा आईक्यूएसी संयोजक डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने संयुक्त रूप से बताया कि इस कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों के साथ-साथ शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी की प्राचार्य डॉ. रक्षा सिंह एवं सहायक प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया।दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद नैक बंगलौर द्वारा जारी नई मूल्यांकन पद्धति पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के आईक्यूएसी द्वारा किया गया। प्राचार्य डॉ. आर.एन. सिंह तथा आईक्यूएसी संयोजक डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने संयुक्त रूप से बताया कि इस कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों के साथ-साथ शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी की प्राचार्य डॉ. रक्षा सिंह एवं सहायक प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया।