अविश एडुकॉम में फोटोग्राफी प्रतियोगिता-प्रदर्शनी, मोबाइल से किया कमाल

दुर्ग। अविश एडुकॉम में फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रशिक्षु छाया-चित्रकारों ने कमाल कर दिया। मोबाइल फोटोग्राफी की इस स्पर्धा का विषय दीपावली की सजावट था। विद्यार्थियों ने दीपक की लौ से लेकर पूजा स्थल की सजावट को कुछ इस तरह कैद किया कि सभी ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। किसी चित्र के केन्द्र में खुद दीपक था तो किसी में दीये की मद्धम रोशनी में चमकता कलश।दुर्ग। अविश एडुकॉम में फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रशिक्षु छाया-चित्रकारों ने कमाल कर दिया। मोबाइल फोटोग्राफी की इस स्पर्धा का विषय दीपावली की सजावट था। विद्यार्थियों ने दीपक की लौ से लेकर पूजा स्थल की सजावट को कुछ इस तरह कैद किया कि सभी ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। किसी चित्र के केन्द्र में खुद दीपक था तो किसी में दीये की मद्धम रोशनी में चमकता कलश।Avish-Educom-Photo-Contest दुर्ग। अविश एडुकॉम में फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रशिक्षु छाया-चित्रकारों ने कमाल कर दिया। मोबाइल फोटोग्राफी की इस स्पर्धा का विषय दीपावली की सजावट था। विद्यार्थियों ने दीपक की लौ से लेकर पूजा स्थल की सजावट को कुछ इस तरह कैद किया कि सभी ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। किसी चित्र के केन्द्र में खुद दीपक था तो किसी में दीये की मद्धम रोशनी में चमकता कलश।इस प्रतियोगिता में कुल 123 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने सिंगल और डबल कैमरा फोन से फोटोग्राफी की। पिक्चर कम्पोजिशन से लेकर दीयों की रोशनी का खूबसूरती से उपयोग किया गया था।
निर्णायक के रूप में प्रसिद्ध छायाचित्रकार अखिलेश भरोस उपस्थित थे। चित्रों की विशेषता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी में आपकी क्रिएटिविटी ही सबकुछ है। आप जो देख रहे हैं और जो दिखाने का प्रयत्न कर रहे हैं, यदि उसका संतुलन बन गया तो समझिए कि आप फोटोग्राफर बन गए। अब आप डीएसएलआर का उपयोग कर सकते हैं ताकि लाइट और फोकस पर आपका ज्यादा नियंत्रण हो। उन्होंने कहा कि सभी चित्र अपने आप में अनोखे हैं और अपने अपने वर्ग में श्रेष्ठ हैं।
Avish-Educom दुर्ग। अविश एडुकॉम में फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रशिक्षु छाया-चित्रकारों ने कमाल कर दिया। मोबाइल फोटोग्राफी की इस स्पर्धा का विषय दीपावली की सजावट था। विद्यार्थियों ने दीपक की लौ से लेकर पूजा स्थल की सजावट को कुछ इस तरह कैद किया कि सभी ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। किसी चित्र के केन्द्र में खुद दीपक था तो किसी में दीये की मद्धम रोशनी में चमकता कलश।प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार शीतल जायसवाल को तथा द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार क्रमश: श्रेयांस श्रीवास्तव एवं शिवानी देशमुख को दिया गया। संस्था के निदेशक नीलेश पारख ने बच्चों को कैश अवार्ड दिया। इस अवसर पर संस्था की नीहा सिंह, प्रिया, रिया शर्मा भी उपस्थित थे। बच्चों ने पूरा दिन अपने चित्रों को माउण्ट करने और उसे उचित स्थान और वर्ग में सजाने में लगा दिया। इस प्रतियोगिता को लेकर वे बहुत उत्साहित थे। चित्र प्रदर्शनी को पेरेन्ट्स सहित आम जनता के लिए खुला रखा गया था।

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