पीजी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की डॉ. श्रीलता ने वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस में दी भागीदारी

भिलाई। भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित पीजी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की वाइस-प्रिंसिपल प्रो. डॉ. श्रीलता पिल्लै ने 50वीं यूनियन वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन लंग हेल्थ में शिरकत की। इस कॉन्फ्रेंस हेतु राष्ट्रीय स्तर पर भारत से केवल 5 सदस्यों को चुना गया था। कॉन्फ्रेंस में 130 देशों के कुल 3000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन उप-राष्ट्रपति वैंकया नायडू ने किया। डॉ श्रीलता इससे पूर्व इंटरनेशनल टी.बी. प्रोजेक्ट के डायरेक्टर तथा इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ़ नर्सेस के साथ हुई साउथ-ईस्ट एशिया रीजनल मीटिंग्स में भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रही हैं।भिलाई। भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित पीजी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की वाइस-प्रिंसिपल प्रो. डॉ. श्रीलता पिल्लै ने 50वीं यूनियन वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन लंग हेल्थ में शिरकत की। इस कॉन्फ्रेंस हेतु राष्ट्रीय स्तर पर भारत से केवल 5 सदस्यों को चुना गया था। कॉन्फ्रेंस में 130 देशों के कुल 3000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन उप-राष्ट्रपति वैंकया नायडू ने किया। डॉ श्रीलता इससे पूर्व इंटरनेशनल टी.बी. प्रोजेक्ट के डायरेक्टर तथा इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ़ नर्सेस के साथ हुई साउथ-ईस्ट एशिया रीजनल मीटिंग्स में भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रही हैं।भिलाई। भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित पीजी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की वाइस-प्रिंसिपल प्रो. डॉ. श्रीलता पिल्लै ने 50वीं यूनियन वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन लंग हेल्थ में शिरकत की। इस कॉन्फ्रेंस हेतु राष्ट्रीय स्तर पर भारत से केवल 5 सदस्यों को चुना गया था। कॉन्फ्रेंस में 130 देशों के कुल 3000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन उप-राष्ट्रपति वैंकया नायडू ने किया। डॉ श्रीलता इससे पूर्व इंटरनेशनल टी.बी. प्रोजेक्ट के डायरेक्टर तथा इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ़ नर्सेस के साथ हुई साउथ-ईस्ट एशिया रीजनल मीटिंग्स में भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रही हैं।हैदराबाद के नोवोटेल इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 30 अक्टूबर से 2 नवम्बर, 2019 तक आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य टी.बी. बीमारी को वैश्विक स्तर पर खत्म करने की रूपरेखा बनाने के साथ ही टीबी वैक्सीन को जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए हो रहे नवीन प्रयासों की समीक्षा करना था। इस वैक्सीन की कीमत को कम करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस में टीबी से मुक्त होकर स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे व्यक्तियों ने भी शिरकत की। इसके अलावा कॉन्फ्रेंस के दौरान बढ़ते हुए वायु प्रदूषण जैसे ज्वलंत मुद्दे के प्रभाव से किस प्रकार बचा जाये तथा टीबी की दवा किस प्रकार से अस्थमा तथा निमोनिया जैसी बीमारियों की दवा से भिन्न होती है इस पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
डॉ. श्रीलता ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पीजीकॉन के चेयरमेन तथा भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी विजय कुमार गुप्ता, सचिव सुरेन्द्र गुप्ता तथा पी.जी. कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की प्रिंसिपल प्रो. डॉ. अभिलेखा बिस्वाल को दिया है। वहीं कॉलेज के समस्त फैकल्टी मेम्बर्स तथा स्टूडेंट्स ने डॉ. श्रीलता पिल्लै को उनकी इस उपलब्धि हेतु शुभकामनायें देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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