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मोबाइल-लैपटॉप से सूख रहा आंखों का पानी, बुढ़ापे की बीमारी हो रही बचपन में

हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अमिशा जैन से चर्चा

Dry Eye Syndrome causes and treatmentभिलाई। शुष्क आंखें या ड्राई आई सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंखों के ऊपर की नमी खत्म हो जाती है। आंखें सूखी-सूखी सी रहती हैं, उनमें खुजली या चुभन महसूस होती है। आंखें लाल हो जाती है, उनमें जलन होती है और धुंधला दिखाई देने लगता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही तो स्थिति गंभीर हो सकती है। युवाओं में इस स्थिति के लिए मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक इस्तेमाल को जिम्मेदार पाया गया है। हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अमिशा जैन बताती हैं कि कोरिया में हुए एक शोध में सामने आया है कि शहरी बच्चों में शुष्क आंखों की समस्या ज्यादा ग्रामीण बच्चों की तुलना में ज्यादा होती है। शहरी बच्चे मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने ज्यादा वक्त बिताते हैं। इस दौरान वे पलकों को बहुत कम झपकाते हैं जिससे नमी की परत सूख जाती है।डॉ अमिशा ने बताया कि आम तौर पर शुष्क आंखों की समस्या 50 की उम्र के बाद शुरू होती है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में यह समस्या हो सकती है। आंखों की सतह को नम बनाए रखने के लिए शरीर एक द्रव का स्राव करता है जो तैलीय, जलीय एवं म्यूकस जैसे तत्वों से बना होता है। आंख के पपोटे वाइपर की तरह काम करते हैं और इस द्रव से आंखों की सतह को साफ करने के साथ साथ उसपर नमी को फैलाते हैं। जिस तरह सूखे कांच पर वाइपर चलाने से उसमें खरोंच आ सकती है, ठीक उसी तरह आंखों में नमी न हो तो पपोटे उसे खरोंच सकते हैं।
आंखों में शुष्कता के कई कारण हो सकते हैं। स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी स्क्रीन पर नजरें गड़ाई रखना, वायु प्रदूषण, एसी, सीलिंग फैन, हीटिंग उपकरण, लगातार हवाई यात्राएं करना, धूम्रपान, कांटैक्ट लेंस का उपयोग, रजोनिवृत्ति, कुछ औषधियां यह समस्या उत्पन्न कर सकती है। शुष्क रहने पर आंखों में जलन, खुजली, दर्द, भारीपन, थकान, लाली, रोशनी से चुभन, धुंधला दिखाई देना जैसी समस्या हो सकती है।
ऐसी समस्या होने पर तत्काल अपने नेत्र चिकित्सक से सम्पर्क करें। आरंभिक अवस्था में जीवनचर्या में कुछ सुधार एवं मामूली आइड्राप्स से यह समस्या ठीक हो सकती है। स्थिति लगातार बनी रहने पर आपकी आंखों की ऊपरी परत को स्थायी नुकसान हो सकता है और दृष्टि बाधित हो सकती है।

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