धमतरी जिले में रामायण काल के सात ऋषियों के आश्रम, पर्यटन स्थल बनेंगे

7 Rishis of Ramayan period lived in Chhattisgarh

रायपुर। राम वनगमन पर्यटन परिपथ योजना के तहत जिन 16 स्थानों का विकास धमतरी जिले में किया जाना है, उनमें रामायण काल के सात ऋषियों के आश्रम शामिल हैं। इन ऋषियों में श्रृंगी ऋषि, कर्क ऋषि, अगस्त्य ऋषि, अंगिरा ऋषि, मुचकुंद ऋषि और गौतम ऋषि के आश्रम शामिल हैं। इसके अलावा कुलेश्वर महादेव और रुद्रेश्वर महादेव के मंदिरों में भी पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पर्यटन परिपथ के तहत धमतरी जिले में 16 स्थान चिन्हांकित किए गए हैं, जहां पर धार्मिक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों व विरासतों के लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। कलेक्टर ने चिन्हांकित किए गए 16 स्थानों के विकास के लिए राज्य शासन को 14 करोड़ 77 लाख 20 हजार रूपए की कार्ययोजना का प्रस्ताव भेजा है।

जिले के मगरलोड विकासखण्ड की ग्राम पंचायत नवागांव बुड़ेनी अंतर्गत कुलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ 95 लाख रूपए की कार्ययोजना का प्रस्ताव है। इसी तरह मधुबन रांकाडीह में 45 लाख रूपए, धमतरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत रूद्री में रूद्रेश्वर महादेव के लिए 85 लाख रूपए, नगरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत सिहावा में श्रृंगि ऋषि आश्रम के लिए 65 लाख 30 हजार रूपए, ग्राम पंचायत बांसपानी ठेमलीपारा में कर्क ऋषि आश्रम के विकास के लिए 55 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम पंचायत मुकुंदपुर हरदीभाठा में अगस्त्य ऋषि आश्रम क्षेत्र के लिए 53 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम पंचायत रतावा में अंगिरा ऋषि आश्रम क्षेत्र के लिए 46 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम पंचायत मेचका के तहत मुचकुंद ऋषि आश्रम के लिए 52 लाख 30 हजार रूपए, पंचायत करही (मांदागिरी) में गौतम ऋषि आश्रम में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ 11 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम पंचायत सिहावा (डोंगरीपारा) में कुम्भज ऋषि आश्रम के लिए 17 लाख 30 हजार रूपए के निर्माण कार्यों का प्रस्ताव सचिव पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन को भेजा गया है।

इनके अतिरिक्त मगरलोड विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बड़ी करेली, रांकाडीह, सांकरा, लुगे, राजपुर, धमतरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत रूद्री, मुड़पार, भोयना में मनरेगा मद से पौधरोपण एवं मंदिर पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 7 करोड़ 50 लाख का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इस प्रकार कुल 14 करोड़ 77 लाख 20 हजार रूपए का प्रस्ताव कलेक्टर के द्वारा शासन को भेजा गया है। राम वन गमन परिपथ विकास के लिए प्रस्ताव कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा संयुक्त रूप से सर्वेक्षण कर तैयार किया गया है।

 

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