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प्राध्यापक कोरोना काल में आए परिवर्तन को स्वीकारें – उच्च शिक्षा मंत्री पटेल

दुर्ग विश्वविद्यालय एवं साइंस कॉलेज का संयुक्त 10 दिवसीय फेकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम प्रारंभ

Faculty Development program on online educationदुर्ग। वर्तमान कोविड-19 काल में परंपरागत कक्षाओं के स्थान पर ऑनलाईन शिक्षण व्यवस्था आवश्यक है। सभी प्राध्यापकों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे रचनात्मक परिवर्तन को स्वीकार करना चाहिए। ये उद्गार छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने आज हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग एवं साइंस कॉलेज दुर्ग द्वारा संयुक्त रूप से 10 दिवसीय ऑनलाईन फेकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किये। श्री पटेल ने लगभग 600 से अधिक प्रतिभागी प्राध्यापकों को ऑनलाईन संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 संकट के इस घड़ी में प्राध्यापक विद्यार्थियों के साथ सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करते हुए उनके शैक्षणिक विकास हेतु हर संभव प्रयास करें। श्री पटेल ने दुर्ग विश्वविद्यालय एवं शास. वी. वाय. टी. पी. जी. महाविद्यालय, दुर्ग द्वारा आयोजित 10 दिवसीय ऑनलाईन फेकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम की सराहना करते हुए कहा कि अन्य विश्वविद्यालयों को भी इस तरह के प्रोग्राम आयोजित करना चाहिए।
कार्यक्रम के आरंभ में दुर्ग विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ प्रशान्त श्रीवास्तव ने कहा कि फेकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम सभी प्राध्यापकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा डॉ श्रीवास्तव ने 10 दिवसों के कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ अरूणा पल्टा ने अपने स्वागत भाषण में दुर्ग विश्वविद्यालय द्वारा कोविड़- 19 संकटकाल में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विभिन्न ऑनलाईन रचनात्मक गतिविधियो की विस्तृत जानकारी दी। समारोह मे उपस्थिति आयुक्त उच्च शिक्षा, छत्तीसगढ़ शासन ने अपने संबोधन में कहा की ऑनलाईन शिक्षण पंद्धति हम सभी के लिए नई है। परन्तु कोशिश करके हर नई चीज को सीखा जा सकता है। प्राध्यापकों को विद्यार्थियो के हित में ज्यादा से ज्यादा ऑनलाईन पाठ्य सामग्री तैयार करें। दुर्ग विश्वविद्यालय के लगभग सौ से अधिक महाविद्यालयों के लगभग छ सौ से अधिक प्राध्यापक इस फेकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम में हिस्सा ले रहे है। आज प्रथम दिन उच्च शिक्षा संचालनालय रायपुर के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ जी.ए. घनश्याम ने अपने व्याख्यान में ऑनलाईन शिक्षण के विभिन्न तरिकों की विस्तार से जानकारी दी। दिनांक 23 जुलाई को विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के अंग्रेजी के प्राध्यापक डॉ रूबल वर्मा अपना आमंत्रित व्याख्यान देगे। साइंस कॉलेज दुर्ग के प्राचार्य डॉ आर.एन.सिंह ने जानकारी दी है कि प्रोग्राम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग, रायपुर के डॉ जी. ए. घनश्याम, उज्जैन विश्वविद्यालय के डॉ रूबल वर्मा, ईग्नु नई दिल्ली के डॉ संजीव कुमार, बिलासपुर विश्वविद्यालय के डॉ एच. एस. होता, रविवि. रायपुर के डॉ के. के. घोष, दुर्गविवि. के डॉ प्रशांत श्रीवास्तव, कोरबा के डॉ संदीप शुक्ला, बेमेतरा के डॉ विकास पंचांक्षरी, कन्या महाविद्यालय, देवेन्द्र नगर की प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल आदि के व्याख्यान होंगे। उद्घाटन समारोह के अंत में सांईस कॉलेज दुर्ग के प्राचार्य डॉ आर.एन. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग, के कुलसचिव डॉ सी. एल. देवांगन एवं साइंस कॉलेज, दुर्ग की आईक्यूएसी समन्वयक डॉ पदमावती एवं नैक समन्वयक डॉ जगजीत कौर सलूजा के अनुसार 10 दिवसीय फेकल्टी डेव्हलपमेंट प्रोग्राम की मुख्य थीम ’’ऑनलाईन एजुकेशन-बून फार अपलिफ्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन इंस्टीटयूट’’ रखी गई है कोविड- 19 के अवधि तथा उसके पश्चात् भी उच्च शिक्षा संस्थानों में ऑनलाईन प्रवेश, ऑनलाईन शिक्षण पद्धति, वीडियो लेक्चर्स तैयार करना, पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण, ऑनलाईन असाइमेंट तथा परीक्षा आदि बिन्दुओं पर इस प्रोग्राम की अवधि में विस्तार से जानकारी प्रदान की जायेगी।

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