कोविड काल में सोशल मीडिया पर बढ़ा हिन्दी का उपयोग – डॉ जवाहर सूरीशेट्टी

COVID helps grown Hindi as a languageदुर्ग। जगद्गुरु शंकराचार्य कॉलेज ऑफ एजूकेशन आमदी नगर हुड़को भिलाई में हिन्दी दिवस का आयोजन सद्भावना के साथ किया गया। प्रख्यात शिक्षा बाल मनोवैज्ञानिक तथा विचारक डॉ जवाहर सूरिसेट्टी के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। डॉ सूरीशेट्टी ने कहा कि आज अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले बच्चों को शुद्ध हिन्दी बोलने तथा लिखने में बहुत कठिनाई होतेी है। कोरोना काल में लोगों ने मोबाइल से संदेश, गीत, कविताएं तथा बातचीत करने के लिए हिन्दी भाषा का ही सर्वाधिक प्रयोग किया। इस समय हिन्दी का उपयोग 35 फीसद बढ़ा। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ व्ही. सुजाता ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि इस कोरोना काल में भारत के नमस्ते तथा नमस्कार को विश्व के सभी देश अपना रहें है। उसी प्रकार भविष्य में सपूर्ण विश्व में भारत की हिन्दी भाषा एवं साहित्य को अपनाना होगा। हिन्दी एक समृद्ध भाषा बनेगी। इसलिए इसके महत्व को सभी को जानना आवष्यक है।
कार्यक्रम की वक्ता डॉ दानी प्रसाद शर्मा, बी.एस.पी. अंग्रेजी माध्यम माध्यमिक शाला सेक्टर-6 भिलाई हिन्दी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हिन्दी को एक समुन्नत तथा समृद्ध भाषा बताया। उच्च शिक्षा में सभी विषयो जैसे इंजीनियरिंग तथा चिकित्सा की पढ़ाई हिन्दी माध्यम से कराने के लिए तैयारी की बात से अवगत कराया। हिन्दी की शुद्धता तथा इसके समृद्ध शब्द कोश पर प्रकाश डाला।
बी.एस.पी. अंग्रेजी माध्यम माध्यमिक शाला, सेक्टर-2 भिलाई से आमंत्रित डॉ शीतल चन्द्र शर्मा, व्याख्याता ने अपने वक्तव्य में “भारतेन्दु हरिशचन्द्र की -“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नत्ति को मूल। बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल” कहते हुए हिन्दी की शुद्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दी में स्वर तथा व्यंजनो का विभाजन अलग-अलग किया गया है उन्हे ढॅूढना नहीं पड़ता। हिन्दी का प्रयोग भारत के 14 राज्यों में पूर्णतः तथा बाकी राज्यों में भी किसी न किसी रूप में किया ही जाता है। ज्ञान-विज्ञान, मनोंरंजन साहित्य, धर्म, शिक्षा तथा तकनीकी सभी क्षेत्रों में किया जा रहा है।
कार्यक्रम की समन्वयक तथा संचालक श्रीमती राधा देवी मिश्रा तथा श्रीमती रजनी राय थीं। कार्यक्रम में सभी प्राध्यापकों का सराहनीय योगदान रहा। महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष श्रीमती मधुमिता सरकार ने धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त किया।

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