खाद बनाने के लिए भिलाई नगर पालिक निगम के शहरी गोठान में टंकियां तैयार

Vermicompost tanks made in Bhilaiभिलाई। नगर पालिक निगम के शहरी गोठान में गोबर से अब वर्मी कंपोस्ट के साथ गुणवत्ता युक्त लिक्विड जैविक खाद (वर्मी वाश) तैयार किया जाएगा। बागवानी और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को लिक्विड खाद के रूप में विक्रय जाएगा। निगम प्रशासन ने जिला कृषि विभाग एवं कामधेनु विश्वविद्यालाय अंजोरा दुर्ग के विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार वर्मी कंपोस्ट और वर्मी वाश बनाने के लिए 14 लाख रूपए की लागत से शहरी गोठान में 50 टंकियां और टिन शेड का निर्माण किया है। जहां गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनने की प्रक्रिया के दौरान रिसने वाले पानी को लिक्विड जैविक खाद के रूप में एकत्र किया जाएगा। उसे पात्रों में भरकर लिक्विड जैविक खाद (वर्मी वाश) के रूप में डिमांड के अनुसार सप्लाई किया जाएगा।टैंक में एकत्र होगा लिक्विड – निरीक्षण करने पहुंचे सहायक अभियंता सुनील दुबे ने बताया कि वर्मी वाश को एकत्र करने के लिए सभी टंकी के नीचे एक पाइप लाइन बिछाई गई है। उस पाइप को एक टंकी से जोड़ दिया गया है। जिससे होकर पानी आसानी से एक टैंक में एकत्र हो जाएगी। इससे लिक्विड खाद को एकत्र करने के लिए अतिरिक्त मेहनत नहीं करना पड़ेगा।
खेती के लिए फायदेमंद – कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित पशुपालन एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ डॉ एसके थापक ने शहरी गोठान में समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण के दौरान वर्मी कंपोस्ट के साथ वर्मी वाश बनाने की प्रक्रिया पर जोर दिया था। उन्होंने बताया था कि वर्मी कंपोस्ट बनाने के दौरान गोबर में नमी बनाए रखने की आवश्यक होता है। इसके लिए गोबर पर उपर से पानी का छिड़काव करना पड़ता है। अतिरिक्त पानी गोबर से रिसकर टंकी के नीचे चला जाता है। चूंकि यह पानी गोबर से रिसाव होने की वजह से उसमें मौजूद सभी तत्व पानी के साथ चली जाती है। यह पेड़ पौधों के लिए उत्तम पोषक आहार है। इसका पेड़-पौधों में छिड़काव करने से अच्छा ग्रोथ करता है। बाजार में इसकी अच्छी डिमांड और 10-12 रूपए लिटर तक विक्रय होने की जानकारी दी थी। उनके सलाह के मुताबिक ही महापौर व भिलाई नगर विधायक श्री देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने जोन-1 आयुक्त सुनील अग्रहरि को वर्मी कंपोस्ट का शेड और टंकी बनाने के निर्देश दिए थे। निर्देश के मुताबिक टंकी और शेड का निर्माण किया गया है। इसी तरह की शेड और टंकियां बोगदा पुल जामुल स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड एसएलआरएम सेंटर, बैकुंठधाम और खुर्सीपार एसएलआरएम सेंटर में बनाई गई है। जहां क्रय की जाने वाले गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने की प्रकिया चल रही है। सभी गोबर खरीदी केन्द्र में अलग से पंजीयन कक्ष बनाया गया है। जहां कोई भी पशुपालक पंजीयन फार्म के साथ मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड की फोटो कापी जमा कर पंजीयन करवा सकते हैं।

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