मरीज के पुनर्वास में बढ़ रही फिजियोथेरेपी की भूमिका – डॉ दीपक वर्मा

स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में फिजियोथेेरेपी दिवस आयोजित

Physio Therapy Day in Sparsh Multispeciality Hospitalभिलाई। स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर एक संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ दीपक वर्मा ने कहा कि मरीज के ठीक होने और उसके पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की बड़ी भूमिका होती है। प्रत्येक क्षेत्र में भौतिक चिकित्सा की जरूरत पड़ रही है। लोगों में भी जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के गंभीर मरीजों को भी चेस्ट फिजियोथेरेपी से लाभ हो रहा है।न्यूरो सर्जन डॉ आदर्श त्रिवेदी ने स्पाइन सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी की जरूरतों को रेखांकित करते हुए कहा कि न्यूरो और फिजियो को अलग अलग करके नहीं देखा जा सकता। दोनों विभाग मिलकर ही मरीज को पूर्ण स्वस्थ बनाकर काम पर लौटने के लिए सक्षम बनाते हैं।
मुख्य वक्तव्य में वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ सुप्रिया गुप्ता ने फिजियोथेरेपी की बढ़ती हुई मांग और विभिन्न तकनीकों के विकास की चर्चा की। उन्होंने स्पर्श में उपलब्ध लेजर मशीन की चर्चा करते हुए कहा कि इसके बहुत अच्छे नतीजे आ रहे है। विभिन्न रोगों से जुड़ी भौतिक चिकित्सा की विभिन्न तकनीकों की चर्चा करते हुए उन्होंने इस थेरेपी में एडवांसमेन्ट्स की भी चर्चा की।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ एपी सावंत ने कार्यक्रम को सभी पक्षों के लिए बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि स्पर्श में रोगियों का हॉस्पिटल-स्टे कम से कम करने के लिए फिजियोथेरेपिस्टों की एक अच्छी टीम है जिसमें चार उच्च प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट शामिल हैं।
इस अवसर पर 10 माह के शिशु हिमांशु की माता ने भी अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि 10 माह का होने के बाद भी शिशु अपना सिर स्थिर नहीं रख पाता था। वह उठ बैठ नहीं पाता था। चुपचाप पड़ा रहता था। फिर उसकी फिजियोथेरेपी शुरू की गई। इसका अच्छा लाभ मिला। दस दिन में ही शिशु में अच्छा खासा फर्क आ गया है।
इस अवसर पर मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ संजय गोयल सहित अन्य चिकित्सक एवं चिकित्सा सेवा प्रदाता भी उपस्थित थे।

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