विद्यार्थी 5 अक्तूबर तक परीक्षा केन्द्र में जमा करा सकते हैं उत्तर पुस्तिकाएं

Submission of answer sheets in durg universityदुर्ग। कोरोना लॉकडाउन को देखते हुए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग ने विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं महाविद्यालय में जमा कराने के लिए 5 अक्तूबर तक का समय दिया है। साथ ही महाविद्यालयों को बीएड एवं सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षाएं 25 सितम्बर तक नहीं करा पाने की स्थिति में विवि को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मूल्यांकन कार्य सम्पन्न कराने एवं अंकसूची जमा कराने संबंधी निर्देश भी दिए हैं। उक्त बातें हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ अरुणा पल्टा ने अपने अधीन 130 महाविद्यालयों के प्राचार्यों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहीं। बैठक के आरंभ में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ प्रशांत श्रीवास्तव ने प्राचार्यों का स्वागत करते हुए बैठक का एजेन्डा प्रस्तुत किया। बैठक के दौरान कुलपति डॉ पल्टा ने समस्त प्राचार्यों को निर्देश दिया कि सभी लोग राज्य शासन एवं संबंधित जिला कलेक्टरों द्वारा जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी परिस्थिति में महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की भीड़ एकत्रित न होने दे। सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का अनिवार्य रूप से ध्यान रखें।

डॉ पल्टा ने प्राचार्यों को कहा कि कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के कारण यदि कोई विद्यार्थी निर्धारित समय सीमा में अपनी उत्तरपुस्तिकाएं जमा नहीं कर पाता है तो भी महाविद्यालय सहानुभूति पूर्वक रवैया अपनाते हुए 5 अक्टूबर तक उत्तर पुस्तिकाओं को महाविद्यालय में स्वीकार करें। डॉ पल्टा ने कहा कि लॉकडाउन अवधि में कोई भी विद्यार्थी अनावश्यक रूप से शहर अथवा महाविद्यालयों में न घूमे। विद्यार्थी परीक्षा समाप्ति के पश्चात् पोस्ट आफिस से स्पीडपोस्ट के द्वारा अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को प्रेषित कर सकते हैं।

बीएड एवं सेमेस्टर स्नातकोत्तर ऑनलाइन परीक्षाओं के प्रायोगिक परीक्षाओं को 25 सितंबर तक सम्पन्न करा लेवें का निर्देश देते हुए कुलपति ने कहा कि यदि किसी कारणवश कोई महाविद्यालय 25 सितंबर तक प्रायोगिक परीक्षाएं सम्पन्न नहीं करा पाता तो उसे स्थिति के पश्चात् प्रायोगिक परीक्षा सम्पन्न कराने हेतु विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को सूचित करना होगा। उत्तरपुस्तिकाओं के जमा होने के पश्चात् उनके शीघ्र मूल्यांकन कर विश्वविद्यालय को प्राप्तांक भेजने संबंधी दिशा निर्देश भी डॉ पल्टा ने दिये। उन्होंने बताया कि आॅनलाईन परीक्षा आयोजन, प्रायोगिक परीक्षाओं तथा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधी होने वाले प्रस्तावित व्यय के रूप में दुर्ग विश्वविद्यालय द्वारा समस्त महाविद्यालयों को लगभग 1 करोड़ की राशि प्रेषित की जा चुकी हैं। डॉ पल्टा ने कहा कि सभी महाविद्यालयों में 24 सितंबर से आरंभ होने वाली स्नातकोत्तर एव बीएड, लॉ एवं अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय द्वारा पहुचायें जा रहे हैं। तथा ये सभी प्रश्नपत्र परीक्षा के टाइम टेबल के अनुसार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगी। बैठक के अंत में डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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