वेदों और पुराणों में भी मिलता है किन्नरों का उल्लेख – रवीना

Transgenders deserve better position in societyदुर्ग। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस में बतौर सलाहकार अपनी सेवाएं दे रहीं रवीना बारिहा ने किन्नरों या थर्ड जेंडर के लोगों के प्रति नजरिये में बदलाव लाने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि ये हमेशा से समाज का हिस्सा रहे हैं और इन्हें हमेशा बराबर का सम्मान दिया जाता रहा है। रवीना यहां शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में ट्रांसजेंडर्स पर आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित कर रही थीं। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ अरुणा पल्टा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस वेबीनार की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आरएन सिंह ने की। रवीना बारिहा प्रतिनिधि ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी बात रख रही थीं।
रवीना ने वेदों, पुराणों और इतिहास में किन्नरों की भूमिका और स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के विषयों पर निरन्तर विमर्श की जरूरत है। हमें ट्रांसजेण्डरों के प्रति अपने ज्ञान की सीमा का विस्तार करना होगा।
टीकमगढ़ मध्यप्रदेश की रंगमंच कलाकार एवं लेखक गीतिका वेदिका ने मुख्य वक्ता की आसंदी से स्वरचित काव्यपाठ कर प्रतिभागियों को भावुक कर दिया। लेबर वेलफेयर अधिकारी एवं ट्रांसजेंडरों पर शोध करने वाले टीपी शर्मा ने समाज में ट्रांसजेंडर्स की दशा और दिशा तथा उनकी समस्याओं पर अपनी बात रखी।
डॉ सोमानी गुप्ता के संयोजन में आयोजित इस वेबिनार का प्रभावी संचालन डॉ सुचित्रा शर्मा ने किया। प्रश्नोत्तरी सेशन का संचालन डॉ विजयलक्ष्मी नायडू ने किया। डॉ अलका मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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