साइंस कालेज में 7 नए सर्टिफिकेट कोर्स एवं एक डिप्लोमा पाठ्यक्रम इसी सत्र से

7 new certificate programmes in Durg Science Collegeदुर्ग। वर्तमान सत्र 2020-21 से साइंस कालेज, दुर्ग में 7 नए सर्टिफिकेट कोर्स एवं एक डिप्लोमा पाठ्यक्रम आरंभ किए जाने हेतु उच्चशिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अनुमति प्रदान की गयी है। इनमें सर्टिफिकेट इन इंवायरनमेंट साइंस सर्टिफिकेट इन ह्यूमन राइट्स, सर्टिफिकेट इन आईटी, कन्ज्यूमर प्रोटेक्शन, रूरल डेवलपमेंट, बिजनेस स्किल के साथ ही योगा एजुकेशन एंड फिलासॉफी शामिल होंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एन. सिंह एवं मीडिया प्रभारी डॉ संजू सिन्हा ने बताया कि स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में भूगर्भशास्त्र विभाग द्वारा सर्टिफिकेट इन डिजास्टर मैनेजमेंट, वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा सर्टिफिकेट इन इन्वायरमेंटल साइंस, राजनीति शास्त्र विभाग द्वारा सर्टिफिकेट इन ह्यूमन राईट्स, कम्प्यूटर साईंस विभाग द्वारा सर्टिफिकेट इन इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी, कॉमर्स विभाग द्वारा सर्टिफिकेट इन कन्जूमर प्रोटेक्शन, सर्टिफिकेट इन रूरल डेव्हलपमेंट, सर्टिफिकेट कोर्स इन बिजनेस स्किल द्वारा संचालित किए जायेंगे। इसके साथ ही संस्कृत विभाग द्वारा योगा एजुकेशन एंड फिलॉसफी पर पीजी डिप्लोमा कोर्स संचालित किया जायेगा।
सभी सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम 6 माह की अवधि के होंगे तथा महाविद्यालय के नियमित स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राऐं भी इन सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते है। डॉ सिंह के अनुसार रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम होने के कारण विद्यार्थियों को इन सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों को पूर्ण करने से लाभ होगा। न्यूनतम शिक्षण शुल्क में आरंभ होने वाले इन पाठ्यक्रमों हेतु शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण रखी गयी है। पीजी डिप्लोमा इन योगा एजुकेशन एंड फिलॉसफी पाठ्यक्रम एक वर्ष का होगा तथा सभी स्नातक विद्यार्थी इसमें प्रवेश ले सकेंगे। इन सभी पाठ्यक्रमों हेतु 20-20 सीट की अनुमति शासन द्वारा प्रदान की गयी है। ये सभी पाठ्यक्रम क्षेत्र के विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही साथ महाविद्यालय की गुणवत्ता को बनाये रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगी।
स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत संचालित इन पाठ्यक्रमों हेतु सभी प्रकार की व्यवस्था संस्था को स्वयं स्त्रोतों से करना होगा इसके लिए किसी भी प्रकार का वित्तीय भार शासन द्वारा वहन नही किया जायेगा। इन पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु शिक्षकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शासन के निर्धारित मापदण्ड के अनुसार की जायेगी।
महाविद्यालय प्रषासन ने स्थानीय प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनका इन पाठ्यक्रमों हेतु अनुमति प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उल्लेखनीय है कि इसी शैक्षणिक सत्र 2020-21 में स्नातकोत्तर स्तर पर एम.एस.डब्ल्यू पाठ्यक्रम भी समाज शास्त्र विभाग के तत्वावधान में प्रारंभ किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *