खाली पड़ी हो घर की छत, तो करें खेती, प्रशिक्षण भी उपलब्ध – डॉ रेशमा

Roof Top Farmingदुर्ग। शासकीय डा. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग द्वारा “न्यू ट्रेंड्ज फॉर कैरीअर : रूफ टॉप ऑर्गानिक फॉर्मिंग“ पर वेबीनार का आयोजन किया गया। प्रभारी डॉ रेशमा लाकेश ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य युवाओं को छत पर खेती करने हेतु जागरुक एवं प्रेरित करना है। औषधीय पौधे, जड़ी-बूटियाँ, मसाले, फूल, घरेलू पौधे, फल-सब्जियों का क्रय – विक्रय एवं गार्डन कन्सल्टेंट एवं डिजाइनर भी बन सकते है।प्राचार्य डॉ सुशील चंद्र तिवारी ने कहा कि वेबीनार की श्रृंखला हमारे स्वास्थ्य पर केंद्रित है, जिसमें शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य शामिल है। फल-सब्जियों में प्रयुक्त रसायन स्लो पाईजन का कार्य करते है, छत पर खेती से ना सिर्फ सुरक्षित ऑर्गैनिक फल-सब्जियाँ प्राप्त होती, साथ ही ये समय का उचित उपयोग एवं सुकून प्रदान करता है।
प्रमुख वक्ता लिविंग ग्रीन्स, जयपुर के सीईओ प्रतीक तिवारी ने बताया की शहर के घरों की खाली पड़ी छतों पर ऑर्गेनिक फॉर्मिंग करके लोगों की सब्जियों की अवश्यकता को पूरा कर सकते हैं। इसका उपयोग ना केवल व्यक्तिगत उपयोग हेतु किया जा सकता है अपितु व्यवसाय के रूप में इसे अपनाया जा सकता है। इसके लिए उचित प्रशिक्षण भी उपलब्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों के प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया।
छत पर खेती की उन्नत तकनीक एवं नवाचार तरीकों पर चर्चा करने हेतु आयोजित इस वेबीनार में छात्र- छात्राएँ, प्राध्यापक, गृहणियाँ, बिल्डर्ज आदि शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती ज्योति भरणे ने आभार प्रदर्शित किया।

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