शंकराचार्य महाविद्यालय में “जीवन शैली और मोटापा“ पर राष्ट्रीय वेबीनार

Obesity SSMV Webinarभिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी भिलाई एवं इंडियन एकेडमी ऑफ पिडीयाट्रिक्स, दुर्ग भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन 28 अक्तूबर को किया गया। वेबीनार का विषय था “जीवन शैली और मोटापा“। वेबीनार में बच्चों में किशोरावस्था एवं युवावस्था के दौरान मोटापा का कारण, परिणाम एवं निराकरण पर चर्चा की गयी। आयोजक महाविद्यालय की निदेशक एवं प्राचार्या डॉ रक्षा सिंह ने वेबीनार हेतु आयोजित सर्वे के आंकडो एवं परिणामों की व्याख्या करते हुए “किकार्डियन रिदम“ पर प्रकाश डाला एवं विस्तारपूर्वक बताया कि अच्छी नींद का स्वस्थ जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। वेबीनार का प्रारंभ संयोजक विकास चंद्र शर्मा ने विषय की प्रस्तावना एवं कार्यक्रम की रूपरेखा बताने के साथ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इंडियन एकेडमी ऑफ पिडीयाट्रिक्स, दुर्ग भिलाई के अध्यक्ष डॉ एन.एस. ठाकुर ने बताया कि मोटापा एक संवेदनशील विषय है जिस पर युवाओं को खुलकर चर्चा करने एवं इससे लड़ने की आवश्यकता है।
वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में शास. चिकित्सालय दुर्ग की शिशु रोग विभाग की सिनियर मेडिकल आफिसर एवं इंडियन एकेडमी आॅफ पिडीयाट्रिक्स दुर्ग भिलाई की सचिव डॉ सीमा जैन ने मोटापे के लक्षण एवं कारणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बी.एम.आई. अत्यंत महत्वपूर्ण सूचकांक है जो मोटापे को निर्धारित करता है। मोटापे के प्रकार एवं मोटापे से होने वाली समस्याओं पर भी डॉ सीमा जैन ने प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में भारत रत्न अटल बाजपेयी उत्कृष्टता सम्मानप्राप्त डॉ ओमेश खुराना ने मोटापे को बढाने वाली अनियमित जीवनशैली एवं मोटापे के कारण जीवनशैली पर पडने वाले दुष्प्रभावों की विस्तार से विवेचना की। उन्होंने बताया कि बी.एम.आई. के साथ-साथ शरीर की वसीय संरचना भी मोटापे के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही, मोटापे को खान-पान द्वारा नियंत्रित करने पर भी प्रकाश डाला। कोल्ड-ड्रिंक्स में उपस्थित कीटनाशकों के कारण होने वाले दुष्प्रभावों पर विशेष ध्यान दिया।
महाविद्यालय की छात्रा दिपाली एवं सुधा चौबे ने कार्यक्रम के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की एवं अन्य छात्रा पूजा सिंह, मुस्कान तिवारी, नाजिया कुरैशी, अभिषेक सिंह आदि ने अपने प्रश्न रखे।
संपूर्ण कार्यक्रम का सार वेबीनार के संयोजक प्रो. विकास चंद्र शर्मा ने सबके समक्ष रखा। धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के अतिरिक्त निदेशक डॉ. जे. दुर्गा प्रसाद राव ने किया।
इस वेबीनार में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण यू-ट्यूब, फेसबुक एवं जूम ई-माध्यम से उपस्थित रहे। वेबीनार में कुल प्रतिभागियों की संख्या लगभग 350 रही।

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