Daily Archives: November 10, 2020

स्वरुपानंद महाविद्यालय में राज्य स्थापना दिवस पर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन

Competitions of Rajya Sthapana Divasभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपांनद सरस्वती महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ‘क्या खोया क्या पाया’ विषय पर आनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपनी भागीदारी देकर विचार व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि अनेक मोर्चों पर राज्य ने अच्छा प्रदर्शन किया पर कुपोषण, मलेरिया, पलायन और नक्सलवाद जैसी बहुत सारी चुनौतियां अब भी बाकी हैं।

महिला उत्थान मंडल ने बताया तुलसी का महत्व, भेंट किया पौधा और तुलसी चाकलेट

Mahila Utthan Mandal distributes Tulsi Saplingsभिलाई। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी पौधे एवं उनसे बने अर्क के प्रयोग से शरीर को स्वस्थ्य रखने नगर पालिक निगम परिसर में आज महिला उत्थान मंडल ने तुलसी के पौधे, तुलसी चॉकलेट एवं अर्क का वितरण किया। निगम के सभागार में निगम के कर्मचारी एवं अधिकारियों ने निःशुल्क तुलसी पौधे घरों में लगाने के लिए प्राप्त किये। इसके अलावा महापौर देवेन्द्र यादव एवं महापौर परिषद के सदस्यों को भी महिला मंडल के सदस्यों ने तुलसी से बने हुए औषधि एवं अन्य उत्पाद देकर निरोग रहने के उपाय भी बताए।

गोधन न्याय : वर्मी कम्पोस्ट बेचने में पूरे प्रदेश में अव्वल रहा भिलाई नगर निगम

Bhlai Nigam becomes the first producer of Vermi Compost in Chhattisgarhभिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई पूरे छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के तहत वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर विक्रय करने वाला पहला निगम बन गया है। गोबर खरीदी केन्द्रों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने का कार्य भिलाई में जोर शोर से किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई को हुई थी। योजना की शुरुआत से ही निगम ने पूरी तैयारी कर ली थी। 5 ग्रीन बैग वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के लिए लाए गए थे। वर्मी कम्पोस्ट तैयार होते ही कृषि विभाग के लैब में टेस्ट कराया गया जहां वह मानको पर खरा उतरा और विक्रय के लिये तैयार हो गया।

नेहरू नगर का भेलवा तालाब अब कहलाएगा “श्री गुरु नानक देव सरोवर”

Bhelwa Talab Nehru Nagar Bhilai renamed Nanak Dev Sarovarभिलाई। नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब को अब “श्री गुरु नानक देव सरोवर” के नाम से जाना जाएगा। सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के 551 पावन प्रकाश पर्व 30 नवम्बर के उपलक्ष्य में यह घोषणा की गई। इस तालाब की जिम्मेदारी गुरुद्वारा नानकसर कमेटी एवं समूह ने संभाल ली है। सफाई श्रमदान के आह्वान के तहत सभी ने मिलकर इस कार्य में अपना योगदान दिया। महापौर एवं भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव की परिषद ने एमआईसी मे प्रस्तावित कर इसकी स्वीकृति दी है।

आलमारी में बंद पीएचडी की डिग्रियां आखिर किस काम की : डॉ सुब्रमनियम

Research must find solutions to problemsदुर्ग। छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में होने वाली रिसर्च का लाभ छत्तीसगढ़ की समस्याओं के निराकरण में होना चाहिये। केवल पीएचडी की डिग्रियां प्राप्त कर आलमारी में बंद थीसिस का कोई सामाजिक औचित्य नहीं है। ये उद्गार आईएफएस एवं छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ के सुब्रमनियम ने आज हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा ऑनलाईन वेबीनार में व्यक्त कियें। छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग द्वारा अनुमोदित शोध कार्य के बिन्दुओं एवं छत्तीसगढ़ शासन की मंशा पर विचार व्यक्त करते हुए डॉ सुब्रमनियम ने कहा कि योजना आयोग द्वारा अल्प अवधि अर्थात 5-6 माह की अवधि के लिये 5 लाख रूपये तक के रिसर्च प्रोजेक्ट स्वीकृत किये जाते हैं।

संभागायुक्त महावर की कविताओं पर “कविता का नया रूपाकार” का लोकार्पण

Critics on Poetry by Mahavarबेमेतरा। संभागायुक्त दुर्ग टीसी महावर की कविताओं पर केंद्रित किताब “कविता का नया रूपाकार” का लोकार्पण हिंदी कविता के महत्वपूर्ण कवि विनोद कुमार शुक्ल के हाथों हुआ। इस पुस्तक में श्री महावर के कविता संग्रह पर 30 आलोचकों, सुधि पाठकों और मित्रों की प्रतिक्रियाओं को सम्मिलित किया गया है। इनका चयन सुप्रसिद्ध कथाकार श्री शशांक ने किया है। किताब का प्रकाशन “पहले पहल” प्रकाशन भोपाल द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री महावर के अब तक पांच कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

देव संस्कृति कॉलेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी को प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड

Global Excellence Awardखपरी (दुर्ग)। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देव संस्कृति कॉलेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी को “द प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड-2020” से सम्मानित किया गया। हनीबी, श्रष्ठी, ज्ञान एवं एऩआईएफ के संस्थापक डॉ अनिल के. गुप्त, सीएसवीटीयू के पूर्व कुलपति प्रो. स्थापक एवं ‘द प्रोग्रेस’ के प्रबंध निदेशक डॉ समरेन्द्र मोहन घोष विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। महाविद्यालय की तरफ से यह सम्मान डायरेक्टर ज्योति शर्मा ने ग्रहण किया।