कंतेली हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में 23 बुजुर्गों की हुई बहरेपन की जांच, मिली मशीनें

Hearing tested of rural agedबेमेतरा। जिले में राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में पहुंचकर श्रवण बाधित लोगों की पहचान कर श्रवण यंत्र के लिए चिन्हांकित कर रहे हैं। बहरेपन से प्रभावितों का व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर घर-घर पहुंच कर तलाश किया जा रहा है ताकि विकृति से पीड़ित बच्चों और बुजुर्गों का भी व्यापक स्तर पर चिन्हीकरण हो सके।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. शर्मा ने बताया कि ग्राम-कंतेली के उप स्वास्थ्य केंद्र में ऑडियोलॉजिस्ट गुलनाज खान और टेक्निकल असिस्टेंट गौरव साहू के द्वारा अभियान के तहत 21 दिसंबर को बुजुर्गों को श्रवण यंत्र प्रदान करने के लिए 23 लोगों के कान की जांच की गई। इनमें से 12 लोगों को जिला अस्पताल में जांच व प्रमाण पत्र के लिए बुलाया गया है। जिला अस्पताल में जांच होने के बाद श्रवण यंत्र के पात्र हितग्राहियों की सूची समाज कल्याण विभाग को भेजी जाएगी। जांच शिविर में आए हुए दो बच्चों को जो जन्म से सुन नहीं सकते उनके पालकों को स्पीच थैरेपी एवं कॉक्लियर इम्प्लांट के बारे में जानकारी दी गई। जो लोग श्रवण हानि से ग्रस्त हैं या ऊँचा सुनते हैं वह श्रवण सहायता, कॉक्लियर इम्प्लांट और अन्य सहायक उपकरणों की मदद से बातचीत या संवाद करते हैं। ज्यादातर श्रवण हानि से पीड़ित बच्चों को कॉक्लियर इम्प्लांट द्वारा उपचार प्रदान किया जाता है।
साजा सिविल अस्पताल में जांच शिविर 2 जनवरी को
एनपीपीसीडी के जिला नोडल अधिकारी डॉ बुधेश्वर वर्मा ने बताया आगामी 2 जनवरी को सिविल अस्पताल, साजा में बहरेपन की जांच व इलाज के लिए शिविर का आयोजन किया जायेगा। बहरेपन जैसी गंभीर विकृति शिुशओं के जन्म से लेकर सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए यह कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षकों, मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर अन्य कार्यक्रमों के साथ ही गृह भ्रमण के दौरान समुदाय के लोगों का चिन्हीकरण करने में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।
4 दिसंबर को साजा ब्लॉक के ग्राम चेचानमेता में शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को हीयरिंग एड प्रदान किया गया। शिविर में डीपीएम श्रीमती अनुपमा तिवारी व बीएमओ डॉ अश्वनी वर्मा की उपस्थिति में ऑडियोलॉजिस्ट गुलनाज खान और ऑडियोमेट्रिक अस्सिटेंट गौरव साहू के द्वारा 10 बुजुर्गों की कान जांच कर चिन्हांकित किया गया।
इसी तरह 65 वर्षीया शांति बाई ग्राम-बावा मोहतरा निवासी ने बताया, एक साल से ज्यादा हो गया कान में सुनने की क्षमता नहीं रहा। बुढापे की बीमारी मानकर कभी डॉक्टर के पास नहीं गया। तभी गृहभ्रमण में आई मितानिन ने ग्राम कतेली के उपस्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क जांच व मशीन मिलने की जानकारी दिया। कानों के लिए मशीन मिलने के बाद फिर से सुनाई देने लगेगी यह जानकर खुशी से शांति बाई की आंखें भर आईं।
कतेली की 40 वर्षीया बाना बाई का कहना है, कुछ महिनों से धीरे-धीरे सुनाई की समस्या आ रही है। परिवार में बेटा व बहु जोर से आवाज देकर पुकारते हैं। बहरापन का फ्री में इलाज होने की जानकारी नहीं थी। मितानिन ने बताया कान से संबंधित कोई भी समस्या हो तो स्वास्थ्य केंद्र में आकर जांच करा सकते है। बाना बाई बताती है सुनाई नहीं देने से काफी समस्या हो रही है। इसका इलाज होने से दोबारा सुनने लगेगी इससे बड़ी उनके जीवन में खुशी की क्या बात हो सकती है।

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