स्व-सहायता समूह ने मशरूम उत्पादन कर प्राप्त की 32 हजार रुपये की आय

Mushroom Productionबेमेतरा। प्रदेश सरकार की महती योजना नरवा, गरवा, घुरवा अउ बाड़ी के तहत अन्नपूर्णा महिला स्व सहायता समूह ग्राम पंचायत पिपरिया, वि.ख. साजा, जिला बेमेतरा (छ.ग.) जिसका गठन 01 अक्टूबर 2019 को हुआ। विगत 2 माह में समूह के द्धारा कुल 50 किलों ड्राई मशरूम उत्पादन से 600 रूपये प्रति किलों कुल 30,000 रूपये एवं 06 किलो ताजा मशरूम का 200 रू. प्रति किलो कुल 1200 रूपये कुल 32000 रूपये की आय हुई। कृषि विभाग की आत्मा योजना के द्धारा प्रशिक्षण एवं गोल्डन सीस नामक प्रा.संस्था कोलकाता के तकनीकी सहयोग एवं मशरूम स्पॉन बीज क्रय कर मशरूम उत्पादन का कार्य 2 माह पूर्व प्रारंभ किया गया। आत्मा योजना कृषि विभाग वि.खं. साजा के माध्यम से महिला स्वं सहायता समूह का संचालन एवं समूह के गठन की उद्धेश्य पूर्ति शासकीय योजनाओं के माध्यम से करने प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसमें समान आर्थिक स्थिति के 10 महिलाओं के द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छा करने के लिए रोजगार उन्मुखी कार्य के लिए मशरूम उत्पादन करने का निर्णय लिया गया। समूह द्धारा पूर्व मे इनके पास परम्परागत कृषि एवं मजदुरी के अलावा आय के अन्य स्त्रोत नही थे। समूह के द्धारा वर्ममान में मशरूम उत्पादन ईकाई यूनिट ग्राम पिपरिया एवं जांता में कुल 300 बैग पर संचालित है। इनके द्धारा ताजा मशरूम ग्राम पिपरिया, साजा एवं थान-खम्हरिया में बेची जा रही है एवं ड्राई मशरूम कोलकाता गोल्डन सीस फर्म को विक्रय किया जा रहा है। समूह के अध्यक्ष श्रीमति लीलाबाई साहू द्धारा प्रशिक्षण उपरांत बताया गया कि मशरूम उत्पादन का कार्य बहुत ही कम लागत एवं समूह के सदस्यों को आजिविका उन्नयन हेतु वर्तमान में अन्य व्यवसाय की अपेक्षा कम समय एवं कम लागत में अधिक आय प्राप्त की जा सकती है, इस हेतु समूह का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से मशरूम उत्पादन के विस्तार का कार्य ग्रामीण अंचल में महिलाओं को अतिरिक्त आमदानी के साधन के रूप में विकसित किया जावेगा, साथ ही समूह के द्धारा ग्रामीणों के लिये संतुलित पोषण आहार का बेहतर विकल्प है। समूह को मशरूम उत्पादन वृहद स्तर पर करने शासन से वित्तीय सहायता की आवश्यकता पडेगी।

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