श्रीशंकराचार्य महाविद्यालय में फंडामेंटल साइंटिफिक एंड टेक्निकल राइटिंग स्किल्स पर एफडीपी

Faculty Development Programme at SSMVभिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के आईक्यूएसी एवं अभिनव फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतगर्त मैनुस्क्रीप्ट प्रीपरेशन एवं राइटिंग स्किल्स पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में प्रोबेसैल के मैनेजिग डायरेक्टर पराग जैन थे। इस अवसर पर महाविद्यालय की निदेशक एवं प्राचार्या डॉ रक्षा सिंह उपस्थित थी। पराग जैन ने बताया कि किस तरह रिसर्च पेपर लिखना चाहिए तथा वर्तमान में इसकी क्या उपयोगिता है। श्री जैन ने “A Manuscript is a Man-Script” पर अपने व्याख्यान में बताया कि एक सही रिसर्च ऑब्जेक्टिव पर आधारित रहता है और यदि हम एक पिरामिड की तरह, एक प्लानिंग के साथ काम करें तो बहुत अच्छे पेपर पब्लिश करवा सकते हैं। उन्होंने पेपर लिखने के बारे में बताया कि पेपर लगभग 25-40 पेज का होना चाहिए जो कि इस प्रकार से होना चाहिए। Title: Short, Abstract: 1 paragraph (<250 words), Introduction: 1.5-2 pages, Methods: 2-3 pages, Results: 6-8 pages, Discussion: 4-6 pages, Conclusion: 1 paragraph, Figures: 6-8 (one per page), Tables: 1-3 (one per page), References: 20-50 papers (2-4 pages)
इस तरह से पेपर को तैयार करेगे तो बहुत अच्छे जर्नरल में पेपर को पब्लिश करवा सकते है। आपने बताया कि हम जो पेपर छपवाना चाहते है उसे Journal Finder Tool से सर्च कर सकते हैं उसके बाद पेपर पब्लिशिंग की संभावना काफी बढ जाती है और सही जर्नल में पेपर छप सकता है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की निदेशक एवं प्राचार्या डॉ रक्षा सिंह ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में रिसर्च और बहुत अच्छे रिसर्च की आवश्यकता है जिससे शोध एवं शिक्षा जगत से जुड़े कार्यों को एक नई दिशा प्रदान की जा सके। शोध के कार्यों को बढावा देते हुए इसे अच्छे जर्नरल में पब्लिश करवाना चाहिए जिससे समाज को इसका फायदा मिल सके।
इस अवसर पर महाविद्यालय के आईक्यूएसी के प्रो. संदीप जसंवत एवं डॉ राहुल मेने, महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक गण उपस्थित थे।

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