Daily Archives: January 6, 2021

बच्चों के विकास को अवरुद्ध कर सकती है अस्थमा, सही प्रबंधन जरूरी

Childhood Asthma can hamper growth of childभिलाई। अस्थमा या दमा बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी प्रभावित करती है। बच्चों में यह स्वाभाविक विकास को प्रभावित कर सकती है। बच्चा खेलकूद से वंचित हो जाता है और उसका भोजन और नींद भी प्रभावित होती है। यदि इसका सही प्रबंधन न किया जाए तो यह घातक सिद्ध हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि इसके लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए और चिकित्सक की सलाह ली जाए। हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मिथिलेश देवांगन ने बताया कि अस्थमा आनुवांशिक हो सकता है। इसलिए माता-पिता या परिवार में अगर किसी को भी दमा हो तो बच्चे में दमा होने की संभावना बढ़ जाती है। ठंड में घूमना, धूल, धुआं या फूलों के परागकणों के कारण भी अस्थमा हो सकता है। यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो यह खतरनाक साबित हो सकता है।

बाबा बालकनाथ मंदिर के पास बना गार्डन, फूलों की क्यारियों के साथ जिम भी

Baba Balaknath Temple Garden coming up in Khursipar Bhilaiभिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के जोन 4 खुर्सीपार इलाके में बाबा बालकनाथ मंदिर के पास भव्य गार्डन का निर्माण किया गया है। इस गार्डन में सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई है। महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की पहल से गार्डन का निर्माण कराया गया है। रंग बिरंगे फूलों की क्यारियां, ओपन जिम, हरी घास और पाथवे इसकी खूबसूरती को चार चांद लगा रहे हैं। इस क्षेत्र में इस तरहा का यह पहला गार्डन है। महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव कुछ माह पहले जब वार्डवासियों से मिलने गए थे तब वार्डवासियों ने उनसे एक गार्डन की मांग की थी।

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर चार हजार वीडियो लेक्चर्स अपलोड

More than 4k online lectures available on Hemchand Yadav University websiteदुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के हित में अपनी अधिकृत वेबसाइट पर चार हजार से ज्यादा वीडियो लेक्चर्स अपलोड किये गये हैं। नेटवर्क की समस्या अथवा मोबाइल की अनुपलब्धता के कारण इन ऑनलाईन कक्षाओं में न जुड़ पाने वाले विद्यार्थियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग की मंशा अनुसार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विशेषज्ञ प्राध्यापकों द्वारा वीडियो लेक्चर्स एवं पीडीएफ नोट्स तैयार करने हेतु विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्राध्यापकों को दायित्व सौंपा गया है।