एमजे कालेज द्वारा आयोजित वेबिनार में छलका एलजीबीटी समुदाय का दर्द

MJ College fraternity shocked by the plight of LGBT communityभिलाई। एमजे कालेज के आईक्यूएसी द्वारा आयोजित वेबिनार में आज एलजीबीटी समुदाय का दर्द छलक कर सामने आ गया। एलजीबीटी समुदाय के लिए एक लंबी लड़ाई लड़कर अपना मुकाम बनाने वाली विद्या राजपूत ने जब अपनी आपबीती बताई तो प्रतिभागी अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोगों को समाज इतना प्रताड़ित करता है कि उनकी पढ़ाई छूट जाती है, भविष्य की तरह ही उनका वर्तमान भी अंधकार में समा जाता है।विद्या ने बताया कि किस तरह वह एक पुरुष शरीर में कैद महिला का जीवन बिता रही थी। घर में, मोहल्ले में, स्कूल में उन्हें लगातार तिरस्कार, अपमान और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा। पर उन्होंने हौसला नहीं खोया और अपनी लड़ाई लड़ती रहीं। रायपुर के एक होटल से उन्होंने अपना कर्मजीवन शुरू किया और यहीं से उन्होंने अपने जैसी त्रासदी झेल रहे लोगों को एक बैनर के नीचे लाना शुरू किया। 2009 में उन्होंने अपनी संस्था मितवा का गठन किया।
उन्होंने कहा कि समाज के रवैया के कारण उनके समुदाय के लोग अपनी शिक्षा नहीं पूरी कर पाते। अल्पायु में ही यौन शोषण और उत्पीड़न का शिकार होने लगते हैं और यही उनकी जीवन हो जाता है। ट्रेनों-बसों में भीख मांगना ही उनका मुख्य काम बन जाता है। यदि समाज उनके प्रति अपना रवैया बदले और उन्हें अपनी शिक्षा पूरी करने का अवसर दे तो वे स्वतंत्र रूप से अपनी आजीविका चला सकते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार का शुक्रिया अदा किया जिसने एलजीबीटी समुदाय के लोगों के लिए पुलिस की नौकरी का रास्ता खोल दिया है। उम्मीद है कि इसस इस समुदाय के लोगों का शोषण उत्पीड़न कम हो पाएगा।
वेबीनार की अन्य वक्ता शंकर यादव ने भी अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पग-पग पर इस समुदाय के लोगों की राह में इतने कांटे बिछाए जाते हैं कि आगे बढ़ना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता है। स्थिति में कोई सुधार तब तक नहीं हो सकता जबतक कि हम समाज को इस दिशा में शिक्षित नहीं करते। बराबरी का अवसर मिलने पर हम भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकते हैं।
इस वेबीनार का आयोजन सेन्सीटाइजेशन प्रोग्राम के तहत महाविद्यालय की निदेशक डॉ श्रीलेखा विरुलकर के निर्देश एवं प्राचार्य डॉ अनिल कुमार चौबे के मार्गदर्शन में किया गया। शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ श्वेता भाटिया की इसमें अहम भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा संकाय की सहा. प्राध्यापक गायत्री गौतम ने किया। वेबीनार में सौ से भी ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए।

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