सौर ऊर्जा से दुनियाभर में बदल रहे कृषि की तस्वीर, भिलाई में बीता बचपन

Bhilaian makes his mark in field of Solar Powerभिलाई। इस्पात नगरी भिलाई में पले-बढ़े युवा प्रमोद आठवले सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहे हैं। एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में निदेशक प्रमोद उन क्षेत्रों में बिजली का विकल्प दे रहे हैं, जहां पावर ग्रिड नहीं है। प्रमोद को इस उपलब्धि के लिए हाल ही में इंडियन अचीवर्स अवार्ड 20-21 से नई दिल्ली में सम्मानित किया गया है। बहुराष्ट्रीय कंपनी एडवांस्ड रिन्यूएबल पावर टेक एलएलपी में भारत, मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के निदेशक प्रमोद आठवले ने बताया कि उनकी कंपनी सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अमेरिका में सफलतापूर्वक सेवा दे चुकी है। वहीं भारत में कंपनी के माध्यम से वह ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं, जहां पावर ग्रिड नहीं है।सेक्टर-4 में पले-बढ़े प्रमोद ने बताया कि सोलर ऊर्जा का उत्पादन कर उन्हें बैटरी में संग्रहित कर ऐसे क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाता है। इनसे कृषि, वाहन चालन, मोटर पंप संचालन सहित तमाम ऐसे कार्य सहज हो सकते हैं, जो बिजली से होते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल के लिए कोशिश कर रहे हैं। जिसमें शासन स्तर पर भी सकारात्मक रुख है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के पास लिथियम आयन बैटरी के पेटेंट है और इसके घरेलू इस्तेमाल के लिए उत्पाद बाजार में उतार रही है। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में इन तमाम उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रमोद को इंडियन अचीवर्स फोरम की ओर से इंडियन अचीवर्स अवार्ड 20-21 से सम्मानित किया गया है। प्रमोद के पिता प्रभाकर कृष्णाराव आठवले भिलाई में एचएससीएल इलेक्ट्रिकल में सेवारत थे। प्रमोद वर्तमान में दिल्ली में निवासरत हैं।

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