Spread of TB is not limited to lungs alone - Dr Trisha

गर्भाशय, लिवर, किडनी, मुंह एवं दिमाग में भी हो सकता है टीबी

भिलाई। टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो ट्यूबरक्युहलोसिस बैक्टीरिया के कारण होती है। इस बीमारी का सबसे अधिक प्रभाव फेफड़ों पर होता है। फेफड़ों के अलावा टीबी ब्रेन, यूटरस, मुंह, लिवर, किडनी, गला और हड्डियों में भी हो सकती है। उक्त जानकारी डॉ तृषा सिंह ने नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में आए लोगों को दी। उन्होंने कहा कि फेफड़े का टीबी सबसे अधिक होती है जो हवा के द्वारा दूसरों को संक्रमित कर सकती है। मोबाइल मेडिकल यूनिट में बेहतर चिकित्सा सुविधा लोगों को मुहैया कराई जा रही है। घर के पास ही चिकित्सा सुविधा मिलने से आसानी से लोग अपना इलाज करा पा रहे हैं, नि:शुल्क इलाज एवं निशुल्क दवाई स्वास्थ्य शिविर में दी जा रही है। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के मार्गदर्शन में लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
डॉ. तृषा सिंह ने स्वास्थ्य शिविर में कहा कि टीबी के मरीज के खांसने और छींकने के दौरान मुंह-नाक से निकलने वालीं बारीक बूंदें इन्हें फैलाती हैं। टीबी मरीजों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे कपड़ा, टावल या अन्य सामान से भी यह दूसरों में फैल सकता है। इंडियन हाइपरटेंशन कंट्रोल इनीशिएटिव के कोऑर्डिनेटर अतुल शुक्ला ने बताया कि मधुमेह के मरीजो को बहुत ज्यादा खांसी से बचना चाहिए, मधुमेह मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा टी. बी. का होता है। मधुमेह मरीज समय-समय पर अपना मधुमेह जांच कराते रहे और दवाई समय-समय पर लेते रहे। कुलेश्वर चंद्राकर ए.पी.एम. ने सभी मरीजो को बीमारी के प्रति जागरूक किया। बीमारियों से संबंधित जितने भी दिवस हम मनाते है उसका मुख्य उद्देश्य लोगों मे जागरूकता फैलाना है। उन्होंने टीबी के लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में दिखाना चाहिए।
जोन आयुक्त प्रीति सिंह ने मॉर्निंग विजिट के दौरान मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से संचालित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। स्वयं अपना ब्लड प्रेशर चेक कराकर आने वालों को जागरूकता का संदेश दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *