Dairy Technology Polytechnic inaugurated in Bemetara

डेयरी टेक्नालॉजी पॉलिटेक्निक प्रारंभ, दुग्ध प्रसंस्करण की मिलेगी तालीम

बेमेतरा। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के अंतर्गत डेयरी पॉलिटेक्निक (चोरभठ्ठी) बेमेतरा का शुभारंभ सोमवार को किया गया। दुग्ध प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं कों तकनीकी रूप से सक्षम बनाने हेतु यह महाविद्यालय प्रारंभ किया गया है। आने वाले समय में दुग्ध संयत्रों के परिचालन करने एवं दुग्ध प्रसंस्करण के क्षेत्र में नये उद्यमी तैयार करने में यह पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी गोठान परियोजना को ग्रामीण उद्योग केन्द्र के रूप में विकसित करने में डेयरी डिप्लोमा के छात्र भविष्य मे विशेष योगदान देंगे। डेयरी टेक्नोलॉजी पॉलीटेक्निक बेमेतरा के प्रथम बैच में 11 छात्र/छात्राओं ने प्रवेश लिया है। छात्र/छात्राओं के लिए आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एन.पी दक्षिणकर उपस्थित थे। उन्होने अपने संबोधन में डेयरी पॉलीटेक्निक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का उद्देश्य एवं भविष्य में इस पाठ्यक्रम से छात्र/छात्राओं को होने वाले लाभ के संबंध में अवगत कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ ए.के. त्रिपाठी अधिष्ठाता दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य पौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर के द्वारा किया गया। अपने अध्यक्षीय उदबोधन में डॉ. त्रिपाठी ने नव प्रवेशित छात्र/छात्राओं का स्वागत करते हुए डेयरी डिप्लोमा के पाठ्यक्रम में उपलब्ध विभिन्न रोजगार के संभावनाओं एवं उनके समक्ष उपलब्ध उज्ज्वल भविष्य से परिचित कराया। विशिष्ट अतिथि के रूप में लाइवलीहुड कॉलेज बेमेतरा के प्राचार्य रोशन लाल वर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी उपस्थित थे। उन्होने इस पॉलीटेक्निक को बेमेतरा में खोले जाने के लिए आभार प्रगट किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ ए.के अग्रवाल प्राध्यापक दुग्ध अभियांत्रिकी विभाग दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर के द्वारा किया गया। इस अवसर पर दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर के प्राध्यापकगण डॉ अर्चना खरे, डॉ के.के. साण्डे, डॉ चन्द्रहास साहू, इंजीनियर राघवेन्द्र साहू, ओम नेताम, पंकज पुरोहित भी उपस्थित थे। यह नवीन डेयरी पॉलीटेक्निक बेमेतरा भविष्य में प्रदेश में डेयरी टेक्नोलाजी के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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