साइंस कालेज के हिंदी विभाग द्वारा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन

Hindi Lecture series at Science College Durgदुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तमस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा दिनांक 4 फरवरी से 15 फरवरी तक व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत चार व्याख्यान आयोजित किए गए। व्याख्यान श्रृंखला का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आर.एन. सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी इस कार्यक्रम में जुड़ें तथा विद्वान वक्ताओं के व्याख्यान का लाभ उठाएं। प्रथम व्याख्यान लोक साहित्य मर्मज्ञ कवि आलोचक डॉ जीवन यदु खैरागढ़ ने दिया। डॉ यदु ने अपने व्याख्यान में छत्तीसगढ़ के लोक जीवन पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ की लोक जीवन एवं कृषि के अंतर्संबंध पर विस्तार से जानकारी दी। दूसरा व्याख्यान प्रसिद्ध आलोचक डॉ सियाराम शर्मा सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय उतई का पाश्चात्य आलोचना के अंतर्गत मैथ्यू अर्नाल्ड के आलोचना सिद्धांत पर हुआ। डॉ. सियाराम शर्मा ने मैथ्यू अर्नाल्ड के काव्य सिद्धान्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि काव्य का लक्ष्य सर्व सामान्य को आनंद प्रदान करना है। उन्होंने साहित्य को जीवन की आलोचना के रूप में परिभाषित किया है। तीसरा व्याख्यान भाषा विज्ञान विषय के अंतर्गत रूप विज्ञान पर भाषा वैज्ञानिक कवि आलोचक डॉ. चितरंजन कर सेवानिवृत्त प्राध्यापक भाषा विज्ञान विभाग पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर ने दिया। डॉ. चितरंजन कर ने भाषा विज्ञान जैसे नीरस विषय को बहुत सरल सहज शब्दों में अनुरंजन बनाकर समझाया। अंतिम व्याख्यान भारतीय साहित्य पर केंद्रित था डॉ. मृदुला शुक्ला सेवानिवृत्त प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय लवन ने हिंदी साहित्य में भारतीय मूल्यों की अभिव्यक्ति विषय पर व्याख्यान दिया । श्रीमती शुक्ल ने आदि काल से लेकर आधुनिक काल तक हिंदी साहित्य में भारतीय मूल्यों – दया, करुणा, प्रेम, सद्भावना तथा समता को अनेक उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया । कार्यक्रम में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के अलावा अन्य महाविद्यालयों के हिंदी के विद्यार्थी भी सम्मिलित हुए विद्यार्थियों ने विद्वान वक्ताओं से प्रश्न किए और अपने जिज्ञासा का समाधान किया इस कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालय के साथ महाविद्यालय के विभाग के प्राध्यापक एवं अध्यक्ष डॉ अभिनेष सुराना, डॉ शंकर निषाद, डॉ. बलजीत कौर, डॉ. जयप्रकाश साव, थान सिंह वर्मा, डॉ कृष्णा चटर्जी, डॉ रजनीश उम्रे सम्मिलित हुए । अतिथि वक्ताओं का परिचय अभिनेष सुराना जी ने दिया एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ जयप्रकाश साहू ने किया आभार प्रदर्शन डॉ शंकर निषाद ने किया ।

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