Women face different problems in diabetes

डायबिटीज वाली महिलाओं में हृदय रोगों का खतरा चार गुना अधिक

नई दिल्ली। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर में 42.5 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। 2045 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 63 करोड़ हो सकती है। आश्चर्य की बात यह है कि यह बीमारी पुरुषों एवं महिलाओं को अलग-अलग तरह से प्रभावित करती है। डायबिटीज वाली महिलाओं को हृदय रोगों का खतरा चार गुना तक अधिक होता है।एक अध्ययन के अनुसार डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में हृदय रोग होने की संभावना चार गुना तक अधिक होती है। स्टडी के मुताबिक महिलाओं को किडनी की बीमारी और डिप्रेशन जैसी जटिलताओं का खतरा भी अधिक होता है। डायबिटीज से निपटने में अक्सर महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा दो गुने अधिक अवसाद का अनुभव करती हैं। ऐसा इसलिए भी है कि महिलाएं इसे परिवार और करियर के बीच इसे एक अतिरिक्त बोझ समझती हैं। गर्भावस्था के दौरान होने वाला डायबिटीज मां और बच्चे के लिए खतरा पैदा कर सकता है। साथ ही, टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में भोजन संबंधी विकार पाया जाता है जो पुरुषों में नहीं देखा जाता है।
वहीं पुरुष काफी समय तक इस समस्या को स्वीकार ही नहीं करते। उन्हें यह स्वीकार करना पसंद नहीं होता कि कोई उन्हें बीमार कहे। वैसे महिलाओं की तुलना में पुरुषों में टाइप 1 और टाइप 2 दोनों डायबिटीज अधिक आम है। डायबिटीज पुरुषों के यौन स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करता है। समय पर इलाज न होने पर इरेक्टाइल डिसफंकशन भी हो सकता है। इसके अलावा ओवरएक्टिव ब्लैडर (बार-बार पेशाब महसूस होना), इनकॉन्टिनेंस (पेशाब का रिसना), यूटीआई (मूत्रमार्ग का संक्रमण) आदि की परेशानी हो सकती है।
डायबिटीज से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए और समय पर डाक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। इससे इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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