Hemchand Yadav University celebrates 6th foundation day

हेमचंद विश्वविद्यालय ने पूरे किये छह साल, दुर्ग की स्थापना के 6 वर्ष पूर्ण

विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्व का बोध कराना हमारा दायित्व – डॉ पल्टा

दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के 6 वर्ष पूर्ण कर लिये। विश्वविद्यालय की स्थापना 24 अप्रैल 2015 को की गई थी। कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाऊन के कारण कुलपति डॉ अरुणा पल्टा ने ऑनलाइन ही अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों का यह दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध अवश्य कराएं।इस कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ सीएल देवांगन, प्राचार्यों, प्राध्यापकों तथा विवि के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही 600 शोधार्थी शामिल हुए। डॉ. पल्टा ने विश्वविद्यालय के 6 वर्षों के इतिहास एवं विकासशील यात्रा में सहयोग के लिये पूर्व कुलपतियों, पूर्व कुलसचिवों, अन्य अधिकारियों तथा वर्तमान कुलसचिव व विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, कर्मचारी, महाविद्यालयों के प्राचार्यों, प्राध्यापक तथा अन्य सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। डॉ पल्टा ने बताया कि इस अल्प अवधि में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग ने उपलब्धि के अनके सोपानों को पार किया है। इनमें राष्ट्रीय स्तर के तीन संस्थानों इनफिलक्नेट अहमदाबाद, छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग रायपुर तथा इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया नई दिल्ली के साथ किया गया एमओयू प्रमुख है। इसका सीधा लाभ हमारे विद्यार्थियों को मिलेगा।
डॉ पल्टा के अनुसार पिछले वर्षों की प्रावीण्य सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को राज्यपाल द्वारा ऑनलाईन स्वर्णपदक वितरण समारोह का आयोजन तथा एनएसएस के सामाजिक सरोकार कार्यक्रम में राज्यपाल एवं उच्चशिक्षा मंत्री उमेश पटेल तथा उच्च शिक्षा सचिव धनंजय देवांगन की ऑनलाईन उपस्थिति समूचे विश्वविद्यालय परिवार के लिये गौरव का विषय है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी शोधार्थियों हेतु कोर्सवर्क एवं प्रवेश परीक्षा का आयोजन तथा ऑनलाईन कोर्सवर्क संबंधी व्याख्यान माला का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में लगभग 1500 शोधार्थी पीएचडी हेतु पंजीकृत हैं।
दुर्ग विश्वविद्यालय को वार्षिक परीक्षाओं में इस वर्ष लगभग 1,63,000 विद्यार्थी तथा सेमेस्टर परीक्षाओं में लगभग 26000 विद्यार्थी प्रविष्ट होंगे। विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों हेतु पृथक-पृथक अनेक ऑनलाईन स्पर्धाएं आयोजित की गई है। डॉ पल्टा ने बताया कि विश्वविद्यालय के नये भवन का निर्माण कार्य पोटियाकला, दुर्ग में प्रगति पर है। कोविड- 19 के कारण निर्माण प्रक्रिया थोड़ी धीमी हुई है। हम आने वाले वर्ष में नये भवन में शिफ्ट हो जायेंगे एैसी आशा है। डॉ पल्टा ने कहा कि आगामी शौक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में शिक्षण विभाग आरंभ करने के प्रयास भी विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार कर रहा है। शासन द्वारा अनुमति प्राप्त होते ही यह कक्षाएं आरंभ हो जायेंगी। विश्वविद्यालय की विकास यात्रा में कार्यपरिषद् के सभी सदस्यों, विद्यापरिषद् के समस्त संकायाध्यक्षों, अध्ययनमंडलों के अध्यक्षों व सदस्यों को भी कुलपति डॉ पल्टा ने धन्यवाद दिया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ प्रशांत श्रीवास्तव ने किया।

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