NAAC Meeting at SSSSMV Bhilai

स्वरूपानंद महाविद्यालय में नैक तैयारी पर स्टेक होल्डर्स की बैठक

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको में आइक्यूएसी सेल द्वारा स्टेक होल्डर्स की मीटिंग रखी गई जिसमें बाह्य विशेषज्ञ के रूप में डॉक्टर डी.एन. शर्मा, संयोजक पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय डॉ प्रशांत श्रीवास्तव छात्र अधिष्ठाता हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, डॉक्टर निसरीन हुसैन, प्रोफेसर लाइफ साइंस, वासुदेव वामन पाटणकर कन्या महाविद्यालय दुर्ग। महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से श्री शंकराचार्य नर्सिंग महाविद्यालय की सीओओ डा मोनिषा शर्मा, प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला, आईक्यूएसी संयोजक डॉ शमा ऐ बेग, नैक‌ संयोजक डॉ निहारिका देवांगन, प्राध्यापक सदस्य के रूप में डॉ सुनीता वर्मा, डॉ श्रीमती अजीता सजीत, डॉक्टर श्रीमती शैलजा पवार सहायक प्राध्यापक टी बबीता, विद्यार्थी सदस्य प्रियंका बीएससी अंतिम वर्ष, समृद्धि बीएससी द्वितीय वर्ष व एलुमनाई चेतना गौर उपस्थित हुई।
कार्यक्रम संयोजक डॉ निहारिका देवांगन ने बताया कि जुलाई में नैक टीम आना संभावित है। एसएसआर रिपोर्ट सबमिट हो गया है एवं डीवीवी भी क्लियर किया जा चुका है। महाविद्यालय में नेक क्रायटेरिया के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करवाए गए। रिसर्च पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया। महाविद्यालय शिक्षा विभाग का रिसर्च सेंटर भी बन गया है। करोना के कारण एक्टिविटी व क्लास ऑनलाइन संचालित हो रही है। जागरूकता कार्यक्रम भी ऑनलाइन चलाए जा रहे हैं हम नैक टीम की विजिट की तैयारी कर रहे हैं। अगर कोई बदलाव या सुधार करना है उसके लिए विशेषज्ञ की सलाह ली जा सके इस उद्देश्य से यह मीटिंग आयोजित की गई है।
डॉ मोनीषा शर्मा ने बताया आज के समय में अनुसंधान के क्षेत्र में काम करना आवश्यक है, हम छोटे-छोटे काम शुरू करें वह अपने आप बड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कोविड-19 मरीजों की सहायता के लिए मनोचिकित्सकों के साथ मिलकर हम काम कर सकते हैं जिससे उन्हें कोविड-19 के कारण हुए अवसाद से उबरने में सहायता मिलेगी। यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने बताया इस वर्ष महाविद्यालय को शिक्षा विभाग का अनुसंधान केंद्र बनाया गया है मैथमेटिक्स और माइक्रोबायोलॉजी विषय के अनुसंधान केंद्र बनाने के लिए प्रस्तावित है। आने वाले सत्र में एमएससी केमेस्ट्री व एम काम के लिए नये पाठ्यक्रम के लिये उच्चशिक्षा में नियमानुसार आवेदन किया गया है इसकी मान्यता प्राप्त होने की पूरी संभावना है। महाविद्यालय को ए ग्रेड प्राप्त हो इसके लिए महाविद्यालय सतत प्रयासरत है व हम विशेषज्ञों से सलाह ले रहे है।
डॉ प्रशांत श्रीवास्तव ने महाविद्यालय की सराहना करते हुए कहा महाविद्यालय हमेशा से अच्छा करने का प्रयास कर रहा हैं। उन्होंने बताया जितने भी लोगों का पीएचडी व प्रोजेक्ट है डिजिटल लॉकर बना कर रख ले, हर विभाग का रिपोर्ट बनाएं,। विद्यार्थियों को आईआईटी मुंबई व खड़कपुर के डिजिटल लाइब्रेरी से जोड़ सकते हैं। टीम आने के 15 दिन पहले मॉक टेस्ट कर ले जिससे गलतियों को पकड़ा जा सके व टीम जब निरीक्षण के लिए आए तो थीम बेस्ट रखा जाए जैसे हम छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक वैभव की झांकी दिखा सकते हैं।
डॉक्टर डीएन शर्मा ने बताया हम नैक को कोई भी फाइल दिखाते हैं उसका रिहर्सल जरूर करें इससे जो कमियां होती है उसे पता कर उसे दूर करने का प्रयास कर सकते हैं, जैसे सेना लड़ाई मैं जाने से पहले एक्शन प्लान बनाता है वैसे ही नैक ग्रेड के लिए प्लान करना चाहिए। महाविद्यालय में जो गतिविधियां होती है पूरा रिकॉर्ड रखें अलग से डिप्लोमा, सर्टिफिकेट,ऐड ऑन कोर्स प्रारंभ कर सकते हैं। एमएचआरडी के साथ मिलकर कोर्स में विद्यार्थियों को भी जोड़ सकते हैं।
डॉक्टर नसरीन हुसैन ने विभाग को अपने रिकॉर्ड पूर्ण और अपडेट करने के लिए कहा व बताया पीपीटी तैयार करते समय मुख्य –मुख्य बातों को ही दिखाना चाहिए। उन्होंने बताया बहुत पोस्टर ना लगाएं, विभाग की गतिविधियों व उपलब्धियों को हाईलाइट करने वाले पोस्टर लगाएं। प्रत्येक विभाग की अपनी गैलरी बनानी चाहिए जिसमें महत्वपूर्ण उपलब्धियों को दर्शाना चाहिए। अभी कोविड-19 के कारण बहुत सारे लोग डिप्रेशन में जा रहे हैं महाविद्यालय प्राध्यापकों व मनोचिकित्सक के साथ मिलकर काउंसलिंग का काम कर सकते हैं इससे विद्यार्थियों को भी फायदा होगा।
विद्यार्थी समृद्धि ने बताया कोविड-19 के कारण हम घर के अंदर ही हैं मैंने ड्राइंग करना सीखा, पढ़ना सीखा ,अपने आप को व्यस्त रखती हूं। हम दूसरे विद्यार्थियों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते है। मीटिंग में धन्यवाद ज्ञापन डॉ निहारिका देवांगन नेक कोऑर्डिनेटर ने किया।

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