Guest lecture on Job Opportunities Abroad

विदेश में भी है रोजगार की प्रबल संभावनाएं : डॉ. सिंह

दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में आईक्यूएसी तथा भौतिकशास्त्र विभाग द्वारा फिजिक्स सोसाइटी के उद्घाटन हेतु एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ पूर्णा बोस के उद्बोधन के साथ हुआ। उन्होंने जानकारी दी कि इस महाविद्यालय के कई विद्यार्थियों का चयन देश के महत्वपूर्ण शोध संस्थानों में हुआ है, तथा विभाग लगातार अपने विद्यार्थियों का विशेष मार्गदर्शन कर रहा है। आईक्यूएसी की समन्यवक डॉ जगजीत कौर सलूजा ने बताया कि किस प्रकार हम इन व्याख्यानों से अपने ज्ञान में बृद्धि कर सकते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों से शोध से सम्बंधित नवीनतम जानकारी प्राप्त होती है जिससे वे समय के साथ अपडेट रहते है। भौतिक परिषद प्रभारी डॉ अनिता शुक्ला ने गत वर्ष में विभाग में आयोजित गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूडीएसएसएम, फ्रांस के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का संक्षिप्त परिचय डॉ अभिषेक मिश्रा द्वारा दिया गया। डॉ. धर्मेन्द्र यूडीएसएसएम, फ्रांस में सह प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, वे 2017 में रमन चार्पक फेलो भी रहे हैं। यह फेलोशिप भारत एवं फ्रांस सरकार की डॉक्टोरल फैलोशिप है।
प्रारम्भ में डॉ. धर्मेन्द्र ने भारत और फ्रांस की भौगोलिक स्थिति की विवेचना की, तत्पश्चात उन्होंने ‘‘लिक्विड क्रिस्टल फ्रॉम डिस्प्ले टू फोटोवोल्टाइक‘‘ पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने ओ.एल.ई.डी., एल.टी.पी.एस. एल.सी.डी. का निर्माण, आवेश गतिशीलता माप, विभिन्न पीढ़ियों के मोबाइल स्क्रीन आदि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस व्याख्यान की एक रोचक बात ये भी रही कि डॉ धर्मेन्द्र प्रताप ने अपना व्याख्यान हिंदी और अंग्रेजी में देने की कोशिश की ताकि ये ज्यादा से ज्यादा छात्रों के लिए लाभप्रद हो। व्याख्यान के अंत में उन्होंने पी.एच. डी. के महत्व को बताया, तथा विभिन्न छात्रों के प्रश्नों का निवारण भी किया। विदेश में जाकर शोधकार्य करने के लिए विभिन्न प्रकार की फेलोशिप किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं, उन्होंने विद्यार्थियों को इसका भी मूलमंत्र भी बताया। व्याख्यान के दौरान महत्वपूर्ण बिन्दुओ का उल्लेख प्रो आर एस सिंह एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती सीतेश्वरी चंद्राकर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का कुशल संचालन महाविद्यालय की शोध छात्रा प्रतीक्षा तिवारी ने किया। इस कार्यक्रम में ही परीक्षा परिणामों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली एम.एस.सी. (अंतिम वर्ष) की समता सालेचा को सचिव व एम.एस.सी. (प्रथम वर्ष) की काजल राजपूत को सहसचिव बनाया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एन. सिंह ने विभाग के इस प्रयास को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह आमंत्रित व्याख्यान विद्यार्थीयो को गुणवत्तापरक शोध के लिए प्रोत्साहित करेगा। कार्यक्रम में 100 से अधिक स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के सभी प्राध्यापकों का सहयोग रहा।

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