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कॉनफ्लुएंस कॉलेज में जैवविविधता पर आमंत्रित व्याख्यान

Guest lecture on bio diversity in Confluence College

राजनांदगांव। कॉनफ्लुएंस कॉलेज राजनांदगांव के शिक्षा विभाग द्वारा जैव विविधता दिवस के उपलक्ष्य में आधुनिक परिप्रेक्ष्य में जैव विविधता का संरक्षण के विषय पर ऑनलाईन अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें अतिथि व्याख्याता डॉ. भावना पाण्डेय विभागाध्यक्ष बायोटेक्नोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी भिलाई, महिला महाविद्यालय उपस्थित थी।
संयोजिका प्रीति इंदोरकर विभागाध्यक्ष शिक्षा ने उद्देश्यांे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में पूरी तरह दुनिया में सभी जानवरों और पौधो की प्रजातियों में से लगभग 25 प्रतिशत विलुप्त हो गई है, इन्ही बातों की जानकारी प्राप्त करने एवं लोगों को जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जा रहा है।
डॉ. भावना पाण्डेय ने जैव विविधता के प्रकार, जैव विविधता प्रभावित करने वाले कारक एवं जैव संरक्षण को विस्तार से समझाया और छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को चित्रों के माध्यम से आकर्षक रूप से प्रस्तुत किया एवं विद्यार्थियों को वातावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए एक पौधा लगाने का आह्वान किया
डायरेक्टर संजय अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, एवं डॉ मनीष जैन, ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच एक स्थाई संबध है हम अपने भोजन और स्वास्थ्य के लिए विविध प्रजातियों पर निर्भर है इसलिए जैव विविधता मुद्दों के बारे में इस प्रकार का व्याख्यान निश्चित रूप से विद्यार्थियों को लाभन्वित करेगा।
प्राचार्य डॉ. रचना पाण्डेय ने कहा कि अगर आज हम स्वस्थ है तो वह प्रकृति की देन है। हम हमेशा प्रकृति से लाभ लेते है। जैव विविधता जैविक और विविधता दो चीजो से मिलकर बना है, यह सभी प्रकार के जीवन को संदर्भित करता है जो पृथ्वी पर पाए जाते है। जैसे पौधे, जानवर, कवक और सुक्ष्मजीवी यह उन समुदायों को भी संदर्भित करता है जो वे बताते है और जिस आवास में वे रहते है। हमारा कर्तव्य है कि हमें भी पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए।
विजय मानिकपुरी सहायक प्राध्यापक शिक्षा विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जैव विविधता सभी स्तरो में विविधता को दर्शाती है। वर्तमान में मानव जीवन के लिए जैव विविधता अति आवश्यक है, पेड़, पौधे, पशु, पक्षी, जीव-जन्तु सभी इसके अभिन्न अंग है। जल, जंगल, जमीन एवं वायु मानव के मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण करने का मुख्य घटक है इसे संरक्षित करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, और इस प्रकार के आयोजन से हमें संकल्प लेने की शक्ति प्राप्त होती है।

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