Tag Archives: स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय

स्वामी स्वरूपानंद महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में विश्व योग दिवस के अवसर पर रासेयो के द्वारा योग शिविर का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकों व कार्यालयीन कर्मचारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि हुडको क्षेत्र की पार्षद श्रीमती सुरेखा खट्टी थीं। योग प्रशिक्षक श्रीमती रंजना तिवारी, सीमा स्वरूप सहयोगी स्वाती शाह, सीमा ताम्रकार उपस्थित हुये। कार्यक्रम की अध्यक्षता शंकराचार्य नर्सिंग महाविद्यालय की सीओओ डॉ. मोनिषा शर्मा ने की। विशेष अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती हंसा शुक्ला थीं।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में विश्व योग दिवस के अवसर पर रासेयो के द्वारा योग शिविर का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकों व कार्यालयीन कर्मचारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि हुडको क्षेत्र की पार्षद श्रीमती सुरेखा खट्टी थीं। योग प्रशिक्षक श्रीमती रंजना तिवारी, सीमा स्वरूप सहयोगी स्वाती शाह, सीमा ताम्रकार उपस्थित हुये। कार्यक्रम की अध्यक्षता शंकराचार्य नर्सिंग महाविद्यालय की सीओओ डॉ. मोनिषा शर्मा ने की। विशेष अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती हंसा शुक्ला थीं।

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स्वरूपानंद महाविद्यालय में कबीर की प्रासंगिकता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में ‘वर्तमान में कबीर की प्रासंगिकता’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 15 जून को किया गया। विषय में प्रकाश डालते हुये महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने कहा कबीर के दोहे वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है। पंद्रहवीं शताब्दी में उनके द्वरा कहे गए दोहे आज भी समसामयिक है। आतंकवाद हिंदू और मुस्लिम धर्म के लोगों के आपसी तनाव को कबीर ने दूर करने का प्रयास किया। कबीर ही ऐसे संत हैं जिनके दोहों और साखियों से हर बच्चे को एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा मिलती है। उनके दोहे ‘हिन्दू कहे मोहे राम प्यारा, तुर्क कहे रहिमाना’ जिसमें भक्ति में भावना प्रमुख होती है सच्चे भक्ति भाव से पत्थर में भी ईश्वर का दर्शन किया जा सकता है। भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में‘वर्तमान में कबीर की प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 15 जून को किया गया। विषय में प्रकाश डालते हुये महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने कहा कबीर के दोहे वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है। पंद्रहवीं शताब्दी में उनके द्वरा कहे गए दोहे आज भी समसामयिक है। आतंकवाद हिंदू और मुस्लिम धर्म के लोगों के आपसी तनाव को कबीर ने दूर करने का प्रयास किया। कबीर ही ऐसे संत हैं जिनके दोहों और साखियों से हर बच्चे को एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा मिलती है। उनके दोहे ‘हिन्दू कहे मोहे राम प्यारा, तुर्क कहे रहिमाना’ जिसमें भक्ति में भावना प्रमुख होती है सच्चे भक्ति भाव से पत्थर में भी ईश्वर का दर्शन किया जा सकता है। 

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वैषयिक-धार्मिक उन्माद से जूझ रहे विश्व में कबीर की साखियां और भी प्रासंगिक

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला का मानना है कि लगभग 600 साल पहले रचित संत कबीर की साखियां और दोहे आज पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हो गई हैं। आज जब लोग वैषयिक भोग विलास में डूब गए हैं, धर्म के नाम पर लोग मरने मारने पर उतारू हो गए हैं तब कबीर का चिंतन लोगों को सही दिशा दिखा सकता है। उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय में शनिवार 15 जून को इसी विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला का मानना है कि लगभग 600 साल पहले रचित संत कबीर की साखियां और दोहे आज पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हो गई हैं। आज जब लोग वैषयिक भोग विलास में डूब गए हैं, धर्म के नाम पर लोग मरने मारने पर उतारू हो गए हैं तब कबीर का चिंतन लोगों को सही दिशा दिखा सकता है। उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय में शनिवार 15 जून को इसी विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।

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नेत्रदान दिवस के अवसर पर स्वरूपानन्द महाविद्यालय में भरे गए शपथ पत्र

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय नेत्रदान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना एवं नवदृष्टि फाउंडेशन के संयुक्त तात्वावधान में ‘नेत्रदान महादान’ का संकल्प पत्र भरा गया कार्यक्रम में नवदृष्टि फाउंडेशन संस्था के संस्थापक अनिल बल्लेवार, अध्यक्ष कुलदीप भाटिया, सचिव राज अढ़तिया, सदस्य जितेन्द्र हासवानी उपस्थित हुये। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के सीओओ डॉ. दीपक शर्मा ने की।भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय नेत्रदान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना एवं नवदृष्टि फाउंडेशन के संयुक्त तात्वावधान में ‘नेत्रदान महादान’ का संकल्प पत्र भरा गया कार्यक्रम में नवदृष्टि फाउंडेशन संस्था के संस्थापक अनिल बल्लेवार, अध्यक्ष कुलदीप भाटिया, सचिव राज अढ़तिया, सदस्य जितेन्द्र हासवानी उपस्थित हुये। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के सीओओ डॉ. दीपक शर्मा ने की।

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स्वामी स्वरुपानंद महाविद्यालय में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर ली शपथ

No Tobacco Dayभिलाई. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के विद्यार्थियों व प्राध्यापकों ने विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर तम्बाकू ना खाने की शपथ लेते हुये कहा स्वयं न कभी धूम्रपान करेंगे ना तम्बाकू का उपयोग करेंगे। अपने रिश्तेदारों, परिचितों व दोस्तों को भी इन वस्तुओं का उपयोग ना करने के लिये प्रेरित करेंगे अपने महाविद्यालय परिसर को भी तम्बाकू मुक्त रखने का भरपूर प्रयास करेंगे। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी स.प्रा. दीपक सिंग ने विद्यार्थियों को विश्व तम्बाकू दिवस मनाने के कारणों को बताया व बताया हर वर्ष तम्बाकू सेवन से लाखों व्यक्तियों की मौत होती है व वे कैंसर के शिकार हो जाते हैं।

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स्वरूपानंद महाविद्यालय में ऐंकरिंग पर तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन

Anchoring Swaroopanandभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय ‘कैरियर इन ऐंकरिंग’ पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन डॉ. श्रीमती सोनाली चक्रबोरती के संचालन एक कला विषय पर व्याख्यान से हुआ। प्रशांत गोलछा, पूर्व अध्यक्ष, जेसीआई ने विद्यार्थियों को मंच संचालन के लाफ विषय पर उद्बोधित करते हुये कहा कि आप जब मंच संचालन करते हैं तो आपके व्यक्तित्व का विकास होता है। डर व झिझक की भावना दूर होती है।

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स्वरूपानंद महाविद्यालय में ‘कैरियर इन ऐंकरिंग’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला

Career in Anchoringभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में ‘कैरियर इन ऐंकरिंग’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रथम दिवस की वक्ता डॉ. ज्योति धारकर प्रो. भूगोल, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर, महाविद्यालय दुर्ग, छ.ग. थीं। कार्यक्रम संचालन करते हुये सहायक प्राध्यापक श्रीमती श्वेता दवे, नैक संयोजक ने बताया कि विषय विशेषज्ञ डॉ. ज्योति धारकर ‘एंकरिंग के क्षेत्र में करियर’ पर प्रकाश डालेंगी जिसके माध्यम से आप एंकरिंग में कैरियर के कहां-कहां अवसर है, उन अवसरों की सूचना आपको कैसे प्राप्त होगी, इस अवसर के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर पायेंगे।

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स्वरुपानंद महाविद्यालय बीएड प्रथम सेमेस्टर का शत प्रतिशत परिणाम

BEd Merit Listभिलाई। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.) का बीएड परीक्षा परिणाम घोषित किया गया जिसमें स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। नीमा 81 प्रतिशत प्रथम, पूजा चंद्राकर 80 प्रतिशत द्वितीय व नेहा बोरकर 79 प्रतिशत तृतीय स्थान पर रहीं। एक सौ सत्तर विद्यार्थियों ने बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की।

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स्वरूपानंद महाविद्यालय के शिक्षा विभाग ने ओटेबंध में किया सामुदायिक कार्य

SSSSMV Otebandh Education Departmentभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा सामुदायिक कार्यों का आयोजन ग्राम ओटेबंध में किया गया। इस कार्य में विद्यार्थियों द्वारा सर्वेक्षण, रैली, स्वच्छता के प्रति जागरूकता तथा ट्रैफिक नियमों के बारे में विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को जागरूक किया। साथ ही स्वच्छता के प्रति जागरूक करने हेतु नाटक का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कविताओं के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजली दी गई। देशभक्ति गीत प्रस्तुत किये गये। विद्यालय परिसर में ट्रेफिक नियमों की जानकारी बच्चों को दी गई एवं इससे संबंधित पोस्टर चार्ट आदि लगाये गये।

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स्वरुपानंद महाविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी एवं माईक्रोबायोलॉजी के शत प्रतिशत परिणाम

SSSSMV Merit Listभिलाई। हेमचंद यादव विष्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.) का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। एमएससी बायोटेक्नोलॉजी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा भविश्या तलरेजा-80%, रिचा शुक्ला-75%, आकांक्षा सिंह-70% रहा वहीं प्रथम सेमेस्टर बायोटेक की छात्रा वंदना वर्मा-71%, अनवरून्नीषा खान-70% व पूजा साहू का 60% रहा।

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संघर्ष को विराम न दें तो मिल कर रहती है सफलता : राजीव रंजन

Rajeev Ranjan Prasadभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में ई पत्रिका साहित्य शिल्पी के संपादक एवं वरिष्ठ प्रबंधक (पर्यावरण) राजीव रंजन प्रसाद का प्रेरणास्पद व्याख्यान ‘संघर्ष से शिखर तक’ का आयोजन किया गया। उन्होेंने अपने व्याख्यान में अपने जीवन के कटु अनुभवों और उससे जुड़ी सच्चाई को बताया और किस तरह इन झंझावतों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वो इस मुकाम तक पहुंचने में सफल हुये। बस्तर और नक्सलवाद के ऊपर महत्वपूर्ण पुस्तकों के रचयिता श्री राजीव रंजन ने बस्तर का सूक्ष्म अध्ययन किया है और उससे जुड़ी सच्चाइयों को बहुत ही संजीदगी से अपनी पुस्तक में प्रस्तुत किया है।

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स्वरूपानंद महाविद्यालय में ‘जल बचाओ-कल बचाओ’ पर व्याख्यान

Water Harvestingभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में आईक्यूएसी द्वारा ‘जल बचाओ कल बचाओ’ विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञ के रूप में मधुर चितलांग्या एवं नगर निगम के उपायुक्त तरूण लहरे एवं अजय शुक्ला, सहायक नोडल अधिकारी जल संरक्षक उपस्थित हुए।

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2 साल वाले बीएड का आखरी साल : बीएड, डीएड के लिए स्वरूपानंद महाविद्यालय में फ्री कोचिंग

Pre BEd DEd free coachingभिलाई। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में प्री बीएड एवं प्री डीएड की नि:शुल्क कोचिंग की कक्षाएं 15 अप्रैल 2019 प्रात: 11 बजे से प्रारंभ हो गई हैं। कोचिंग में तर्कशक्ति, सामान्य गणित, सामान्य ज्ञान के अन्तर्गत इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र विज्ञान एवं सम-सामायिक घटनाओं से संबंधित जानकारी महाविद्यालय के अनुभवी एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा दिया जायेगा।

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विश्व स्वास्थ्य दिवस पर परिचर्चा : स्वास्थ्य सभी के लिये, सभी जगह

World Health Organizationभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस पर- ‘स्वास्थ्य सभी के लिये सभी जगह’ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वयं स्वस्थ रहते हुए दूसरों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करना था। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शमा ए. बेग ने बताया कि यह दिवस 1950 से मनाया जाता है।

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स्वरूपानंद महाविद्यालय में बताई गई शोध पत्र प्रकाशन की बारीकियां

Workshop on Academic Researchभिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में शंकराचार्य नर्सिंग महाविद्यालय की सीओओ डॉ. मोनिषा शर्मा द्वारा शोध पत्र प्रकाशन के संबंध में व्याख्यान दिया गया। डॉ. मोनिषा ने बताया कि शोध पत्र प्रकाशन शोध हेतु एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। शोध पत्र बनाते समय हमें शोध संबंधी अनेक सूक्ष्म प्रक्रियाओं से जूझना होता है और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का पता चलता है।

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