कभी नक्सलगढ़ रहे गोगुण्डा में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत

कभी नक्सलगढ़ रहे गोगुण्डा में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित अंचलों में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। सुकमा जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से अब दूरस्थ और पहाड़ी ग्रामों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगा है।

जनपद पंचायत कोंटा अंतर्गत पूर्व में घोर नक्सल प्रभावित रहे पहाड़ी ग्राम गोगुण्डा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिहान योजना ने महिलाओं के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। विद्या महिला संकुल संगठन के अंतर्गत राम स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती गंगी मुचाकी ने अपने घर पर ग्राम की पहली किराना दुकान प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है।

उल्लेखनीय है कि प्रशासन की विशेष पहल से हाल ही में गोगुण्डा में पहली बार विद्युत सुविधा उपलब्ध हुई है। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आधारभूत संरचना और निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। ऐसे सकारात्मक परिवर्तनों के बीच ग्राम में पहली किराना दुकान शुरू होना एक उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को दैनिक आवश्यक वस्तुओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बिहान योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। दुब्बाटोटा क्लस्टर की पीआरपी श्रीमती मंजू कट्टम के मार्गदर्शन से यह पहल साकार हुई। यह प्रयास सामाजिक आत्मविश्वास और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है।

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