कौन हैं बाबा रामदेव? जिनकी शनिवार को की गई अखण्ड परिक्रमा
जगदलपुर। संतोषी वार्ड स्थित श्रीश्री बाबा रामदेव मंदिर में शनिवार को श्रद्धालुओं ने अखण्ड परिक्रमा की। माघ मेले के पांचवें दिन सुबह यह परिक्रमा सुबह आरती के बाद शुरू हुई। इस अखंड परिक्रमा में बाबा के भजनों के साथ जयकारा लगाते श्रद्धालु झूमते रहे। बाबा रामदेव को श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। 25 साल पहले इस मंदिर की स्थापना की गई थी।
मान्यता है कि मंदिर कि भगवान रामदेव की परिक्रमा से अक्षय पुण्य मिलता है, सुरक्षा प्राप्त होती है और पापों का नाश होता है। परिक्रमा करने का व्यवहारिक और वैज्ञानिक पक्ष वास्तु और वातावरण में फैली सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा है। मंदिर में भगवान की प्रतिमा के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का घेरा होता है, यह मंत्रों के उच्चरण, शंख, घंटाल आदि की ध्वनियों से निर्मित होता है। परिक्रमा इसलिए की जाती है कि थोड़ी देर के लिए इस सकारात्मक ऊर्जा के बीच रहें ।
10 दिनों तक बाबा रामदेव मंदिर समिति और इससे जुड़े अन्य संगठनों के द्वारा मनाए जाने वाले रजत जयंती महोत्सव और माघ मेला के अंतर्गत रविवार को धार्मिक क्विज प्रतियोगिता होगी। इस प्रतियोगिता में 10 से अधिक के बालक-बालिक शामिल होंगे। यह प्रतियोगिता शाम 3.30 बजे से मंदिर प्रांगण मे होगी। इसके बाद सोमवार को बाबा के जीवन दर्शन पर एक कार्यक्रम होगा। यह कार्यक्रम सोमवार को को शाम 7 बजे से होगा। इस कार्यक्रम में महिला सदस्यों द्वारा बाबा के परचों की सजीव झांकी लगाई जाएगी।
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