छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियाँ तेज़ — SLCCC की प्रथम बैठक संपन्न
रायपुर। जनगणना 2027 के संदर्भ में छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की प्रथम बैठक मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना) मनोज पिंगुआ, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय कार्तिकेय गोयल, एनआईसी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य में गृह विभाग जनगणना के लिए नोडल विभाग है, जो भारत सरकार, जनगणना निदेशालय एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए जनगणना संपादन में अपनी भूमिका का निर्वहन करता है।
निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय कार्तिकेय गोयल द्वारा पावर प्वाइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से जनगणना 2027 की रूपरेखा, प्रारम्भिक तैयारियाँ, डिजिटल रोडमैप एवं संगठनात्मक ढाँचे के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि भारत कि जनगणना 2027 देश की प्रथम डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा तथा संपूर्ण कार्य की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन वेब-पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। जनगणना में स्व-गणना (Self Enumeration) का प्रावधान भी किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य शासन के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था की जाएगी।
इस वृहद कार्य में लगभग 63 हजार प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक कार्मिकों की भी आवश्यकता होगी। जनगणना के प्रथम चरण के पूर्व परीक्षण का कार्य जिला कबीरधाम की कुकदूर एवं जिला महासमुंद की महासमुंद तहसीलों के कुछ चयनित ग्रामों में तथा रायपुर जिले के रायपुर नगर निगम के एक वार्ड में 10 नवम्बर से 30 नवम्बर 2025 के दौरान संपादित कराया गया। यह पूर्व-परीक्षण का कार्य राज्य शासन एवं संबंधित जिला प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। पूर्व-परीक्षण के अनुभवों को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रथम चरण में मकान-सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 अप्रैल से 30 सितम्बर 2026 के बीच 30 दिवस की अवधि में किया जाना प्रस्तावित है। मुख्य सचिव विकास शील द्वारा संबंधित विभागों को स्कूली बच्चों की पढ़ाई, मानसून आदि को ध्यान में रखते हुए उक्त 30 दिवस की अवधि निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य पूरे देश में एक साथ फरवरी 2027 में किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री शील द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि वे जनगणना के इस द्वितीय चरण को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 का शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करें। साथ ही सभी संबंधित विभागों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे आपस में समन्वय स्थापित करते हुए जनगणना निदेशालय के साथ मिलकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, ताकि छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी जनगणना पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में आयोजित की जा रही है, इसलिए सभी संबंधितों को उचित समय पर युक्तियुक्त प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की तैयारी की जाए। उन्होंने स्व-गणना की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे नागरिक-अनुकूल और सुविधाजनक कदम बताया। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों में जनगणना 2027 के कार्य के समन्वय हेतु एक नोडल अधिकारी नामित करें।
मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि जनगणना 2027 राज्य के भविष्य की नीतियों, योजनाओं एवं संसाधन आवंटन की आधारशिला है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी विभाग साझा उत्तरदायित्व और समन्वित प्रयास के साथ इस राष्ट्रीय महत्त्व के कार्य को मिशन मोड में पूरा करेंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे स्व-गणना एवं प्रत्यक्ष गणना दोनों प्रक्रियाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2027 का कार्य पूर्णतः सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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