दुश्मन पर काल बनकर टूटेगा भारतीय सेना का "भैरव बटालियन"

दुश्मन पर काल बनकर टूटेगा भारतीय सेना का “भैरव बटालियन”

नई दिल्ली। सुरक्षा और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना ने एक खास बटालियन तैयार की है। इसका नाम “भैरव बटालियन” रखा गया है। इसके लिए रेगुलर इंफैन्ट्री से खास जवानों को चुना गया है। उन्हें खास प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें स्पेशल फोर्सेस के सान्निध्य में ट्रेनिंग दी गई है तथा अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया गया है।भैरवबटालियनपहलीबारकर्त्तव्यफतपरगणतंत्रदिवसमेंशामिलहोगा। इससे पहले उसे जयपुर में आयोजित सेना दिवस परेड में देखा गया था।

नसीराबाद की सैनिक छावनी में तैयार हुई इस फोर्स का नाम ”भैरव बटालियन” रखा गया है। इन्हें पाकिस्तान और चीन के साथ लगे बॉर्डर पर त्वरित हमला करने के लिए तैयार किया गया है। ऐसी पांच बटालियनें बनाई गई हैं जिनमें से प्रत्येक में 250 जवान हैं। प्रत्येक बटालियन में कई अफसर भी हैं। बॉर्डर पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सेना 23 भैरव बटालियन बनाएगी। सेना में अभी 415 इन्फेंट्री बटालियन हैं।

भैरव बटालियन रेगुलर इन्फेंट्री और स्पेशल फोर्सेज के बीच की कमी को पूरा करेंगी। इन यूनिटों को लेटेस्ट हथियार, गैजेट और ड्रोन से लैस किया गया है। ये तेजी से कार्रवाई करने और मुश्किल हालातों में काम करने के लिए तैयार रहेंगी।
पहली पांच ‘भैरव’ यूनिट में से तीन उत्तरी कमान के तहत बन रही हैं। एक यूनिट लेह में 14 कोर, श्रीनगर में 15 कोर और नगरोटा में 16 कोर के लिए होगी। चौथी यूनिट पश्चिमी सेक्टर के रेगिस्तान में और पांचवीं पूर्वी सेक्टर के पहाड़ी इलाके में होगी।

भैरव बटालियन दुश्मन पर अत्याधुनिक तरीके से निगरानी रखते हुए वार करने में सक्षम होगी। भैरव बटालियन को नई सोच, नई तकनीक और नई आपरेशनल जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है। “भैरवों” को रेगिस्तानी, बर्फीली और पहाड़ जंगलोंं की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया गया है। भैरव बटालियन सेना के लिए तीव्र, सक्षम और निर्णायक बटालियन साबित होगी। भैरव बटालियन उच्च जोखिम वाले ऑपरेशन के लिए तैयार की गई है।

78वें सेना दिवस परेड में हुई नुमाइश

78वें सेना दिवस परेड का एक मुख्य आकर्षण नवगठित भैरव बटालियन थी जिसे युद्ध में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पैरा स्पेशल फोर्स और नियमित इन्फैंट्री इकाइयों के बीच तैनात किया गया है। ड्रोन-सक्षम और बहु-क्षेत्रीय संचालन के लिए प्रशिक्षित यह बटालियन उभरती प्रौद्योगिकियों से लैस है। इनमें रोबोट डॉग, सभी क्षेत्रों के लिए अनुकूल वाहन और एकीकृत ड्रोन पहचान एवं रोकथाम प्रणाली का प्रदर्शन किया गया।

भारतीय सेना हुई और ताकतवर

सेना दिवस परेड के अवसर पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ‘अश्वनी दस्ता’, ‘शक्तिबाण रेजिमेंट’ और ‘दिव्यास्त्र बैट्रीज’ जैसे नए दस्तों के साथ सेना भविष्य के युद्ध के लिए स्वयं को तैयार कर रही है। द्विवेदी ने कहा कि स्वदेशीकरण अब एक रणनीतिक जरूरत बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि अगले दो वर्षों में भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने के लिए ‘नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रित परिचालन’ पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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